Jamtara Accident: खेलते-खेलते तालाब तक पहुंचे 3 मासूम, गहरे पानी में समा गई जिंदगी; एक साथ तीन मौतों से गांव में मचा कोहराम
चेंगायडीह गांव में घर से करीब आधा किलोमीटर दूर तालाब में डूबे तीन बच्चे, मृतकों की उम्र 5 से 6 साल के बीच; हादसे के बाद परिवारों में मचा चीख-पुकार

जामताड़ा। जामताड़ा सदर थाना क्षेत्र के चेंगायडीह गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। खेलते-खेलते तालाब तक पहुंचे तीन मासूम बच्चे गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और तीनों परिवारों में मातम पसर गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर गांव के तीन बच्चे एक साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते तीनों घर से करीब आधा किलोमीटर दूर चिरकुटोला स्थित तालाब की ओर चले गए। बताया जा रहा है कि तालाब के पास पहुंचने के बाद तीनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों को जब बच्चों के पानी में डूबने की जानकारी मिली तो ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर दौड़े।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। हादसे की जानकारी जैसे ही बच्चों के घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। कुछ देर पहले तक घर के आसपास खेल रहे बच्चों की अचानक मौत की खबर से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
5 और 6 साल के थे तीनों मासूम
मृत बच्चों की पहचान आर्यन अंसारी, उम्र 5 वर्ष, पिता जसीमुद्दीन अंसारी, नासिर अंसारी, उम्र करीब 6 वर्ष, पिता तबारक अंसारी और अमर सोहेल, उम्र करीब 6 वर्ष, पिता सजाउद्दीन अंसारी के रूप में हुई है। तीनों बच्चे चेंगायडीह गांव के ही रहने वाले थे।
ग्रामीणों के मुताबिक, हादसे से कुछ समय पहले तक तीनों बच्चे सामान्य रूप से खेल रहे थे। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद गांव में मातम छा जाएगा। तीनों बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे की सूचना मिलते ही जामताड़ा सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का जायजा लिया और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की।
हालांकि, देर शाम तक मृत बच्चों के परिजन पोस्टमार्टम के लिए सहमत नहीं हुए थे। पुलिस और प्रशासन की टीम हादसे की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
तालाब की सुरक्षा और बच्चों की निगरानी पर उठे सवाल
एक साथ तीन बच्चों की मौत के बाद गांव में तालाब की सुरक्षा और छोटे बच्चों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि खुले और गहरे जलस्रोतों के आसपास बच्चों की सुरक्षा के लिए किस तरह के इंतजाम किए जाने चाहिए।
इस दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों को ऐसा गहरा जख्म दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। कुछ देर पहले तक साथ खेल रहे तीन मासूम अब इस दुनिया में नहीं हैं और पूरे चेंगायडीह गांव में मातम पसरा हुआ है।









