झारखंड के VIP की सुरक्षा में बड़ा बदलाव, दिल्ली पहुंचते ही बढ़ेगी सुरक्षा, CM के साथ रहेंगे अतिरिक्त वाहन और कमांडो
मुख्यमंत्री, राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दिल्ली दौरे के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार, झारखंड भवन में तैनात स्पेशल ब्रांच के जवान भी संभालेंगे जिम्मेदारी

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री समेत राज्य के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों, पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की राज्य के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की जा रही है। खास तौर पर दिल्ली दौरे के दौरान वीआईपी सुरक्षा को पहले से अधिक व्यवस्थित और मजबूत करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे लेकर हाल ही में पुलिस मुख्यालय स्तर पर बैठक हुई, जिसमें राज्य से बाहर जाने वाले वीआईपी के साथ वाहनों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को लेकर चर्चा की गई।
तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान उनके साथ तीन से अधिक वाहन रखे जा सकेंगे। जरूरत के अनुसार दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमांडो भी उनकी सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा दिल्ली में पहले से तैनात झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच के जवानों को भी मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जाएगा।
राज्यपाल के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा
राज्यपाल के दिल्ली दौरे के दौरान उनके काफिले में मुख्य वाहन के अलावा एक अतिरिक्त वाहन रखने का प्रस्ताव है। इसके साथ दिल्ली पुलिस के दो स्पेशल कमांडो भी सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे।
दिल्ली स्थित झारखंड भवन में पहले से स्पेशल ब्रांच के करीब 45 जवान तैनात हैं। प्रस्ताव के अनुसार राज्यपाल के दिल्ली दौरे के दौरान इनमें से आठ जवानों को उनकी सुरक्षा में लगाया जाएगा। इससे दिल्ली में राज्यपाल के लिए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए भी तय होगी सुरक्षा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों के दिल्ली दौरे के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना है। दिल्ली में उनके साथ झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच के जवान मौजूद रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को पहले से Z Plus श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे में दिल्ली दौरे के दौरान भी उनकी सुरक्षा इसी श्रेणी के अनुरूप रखने का प्रस्ताव है। इसके तहत दिल्ली में भी उनकी सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार जवानों की तैनाती की जाएगी।
मंत्रियों के दिल्ली दौरे पर भी सुरक्षा इंतजाम
राज्य के मंत्रियों के दिल्ली दौरे को लेकर भी अलग सुरक्षा व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, मंत्री के साथ एक वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वाहन और सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
इसका उद्देश्य राज्य के बाहर आधिकारिक दौरे के दौरान मंत्रियों और अन्य वीआईपी के लिए सुरक्षा व्यवस्था को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बनाए रखना है।
क्यों बदलनी पड़ रही है सुरक्षा व्यवस्था?
दरअसल, झारखंड के वीआईपी जब विमान से दूसरे राज्यों या दिल्ली जाते हैं तो राज्य पुलिस के जवानों को अपने साथ ले जाने में सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ी कुछ सीमाएं रहती हैं। इसी वजह से दिल्ली स्थित झारखंड भवन में स्पेशल ब्रांच के करीब 45 जवानों की तैनाती पहले से की गई है।
झारखंड से कोई वीआईपी दिल्ली पहुंचता है तो जरूरत के अनुसार इन्हीं जवानों में से सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली पुलिस से भी सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाता है।
पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक के बाद तैयार हुआ प्रस्ताव
वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर कुछ दिन पहले पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई थी। इसमें राज्य से बाहर जाने वाले वीआईपी को उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा, उनके साथ जाने वाले वाहनों और सुरक्षा कर्मियों की संख्या पर चर्चा की गई।
बैठक में वीआईपी के साथ दो से अधिक वाहनों की व्यवस्था रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सामने आया। दिल्ली दौरे के दौरान दिल्ली पुलिस के स्पेशल फोर्स की अतिरिक्त तैनाती को लेकर भी चर्चा हुई।
फिलहाल यह व्यवस्था प्रस्ताव के स्तर पर है। इसे लागू किए जाने के बाद मुख्यमंत्री, राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दिल्ली दौरे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार अतिरिक्त वाहन और सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।









