झारखंड विधानसभा सत्र : कैबिनेट ने शीतकालीन सत्र के आयोजन को दी मंजूरी, वन विभाग में प्रधान वनरक्षी पद के सृजन में भी हुआ संशोधन
Jharkhand Assembly Session: Cabinet approves winter session, amendments also made to create post of Chief Forest Guard in Forest Department

रांची। राज्योत्सव पूर्व हुई कैबिनेट की बैठक में हेमंत मंत्रिमंडल ने कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। हेमंत कैबिनेट ने आज शीतकालीन सत्र के आयोजन पर भी अपनी रजामंदी दी। दिसंबर में शीतकालीन सत्र की शुरुआत होगी। वहीं वन विभाग से जुड़े एक अहम फैसले को भी आज कैबिनेट ने हरी झंडी दी।
1315 प्रधान वनरक्षी के पद का सृजन
उसी तरह से वन विभाग से जुड़े एक अहम फैसले पर मुहर लगाते हुए कैबिनेट ने वनरक्षी संवर्ग के 3883 पदों में से 1315 पदों का प्रत्यपर्ण कर 1315 प्रधान वनरक्षी के पदों के सृजन में संशोधन की अनुमति दी है। दरअसल 1315 पदों के सृजन की अधिसूचना पूर्व में ही जारी की गयी थी, लेकिन उसमें कुछ त्रुटियां थी। 25 सितंबर 2024 को निर्गत अधिसूचना में वनरक्षी संवर्ग के 1315 पदों को प्रत्यार्पित कर प्रधान वनरक्षी के पदों का सृजन किया गया था। लेकिन उसमें जिले का नाम लातेहार अंकित होकर पलामू हो गया था. आज कैबिनेट उसमें संशोधन किया है।
विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 सितंबर से
आज कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडलीय सचिवालय विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने 5 दिसंबर को शीतकालीन सत्र का फैसला लिया है। शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा।
वहीं कैबिनेट ने तय किया है कि अब इस योजना से नेतरहाट विद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों को भी आच्छादित किया जायेगा। इस फैसले से राज्य के नेतरहाट के उन शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को भी लाभ होगा, जो अब तक पुरानी पेंशन योजना के दायरे में नहीं आते थे। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने एनपीएस के स्थान पर राज्यकर्मियों के लिए ओपीएस देने का फैसला लिया है।









