झारखंड- 5000 रुपये एक साथ आयेंगे महिलाओं के खाते में, मंईया सम्मान योजना की दो किस्त एक साथ देने की तैयारी…
Jharkhand: ₹5,000 will be deposited into women's accounts simultaneously; two installments of the Maiya Samman Yojana are being distributed simultaneously.

रांची। मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को छठ पर्व से पहले हेमंत सरकार ने बड़ी सौगात देने का फैसला लिया है। जिन लाभुकों को सितंबर माह की राशि नहीं मिली थी, उन्हें अब दो माह की राशि एक साथ दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि सभी लाभुकों के खातों में शुक्रवार तक राशि हस्तांतरित कर दी जाए।
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) के तहत बकाया राशि का भुगतान छठ से पहले किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किया है कि लाभुकों के खातों में अक्टूबर माह की किस्त समय पर भेजी जाए। इसके साथ ही जिन महिलाओं को सितंबर माह की राशि नहीं मिल पाई थी, उन्हें दो माह की राशि एक साथ प्रदान की जाएगी।
आपको बता दें कि महिलाओं को हर माह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सितंबर माह की राशि तकनीकी कारणों या बैंकिंग प्रक्रिया में देरी के कारण कई लाभुकों तक नहीं पहुंच पाई थी। अब विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी लाभुकों को छठ से पहले सितंबर और अक्टूबर माह की राशि, कुल 5000 रुपये, उनके बैंक खातों में एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे।
वहीं जिन महिलाओं को सितंबर माह की राशि पहले ही प्राप्त हो चुकी है, उन्हें केवल अक्टूबर माह की 2500 रुपये की किस्त ही दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आधे से अधिक जिलों में राशि का हस्तांतरण पूरा हो चुका है। शेष जिलों को शुक्रवार तक हर हाल में भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी लाभुक को त्योहारी सीजन में असुविधा न हो।
महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर यह व्यवस्था की गई है ताकि राज्य की महिलाओं को छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले आर्थिक राहत मिल सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी लाभुक को योजना की राशि के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना है, जिसके तहत राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें पारिवारिक एवं सामाजिक स्तर पर सशक्त बनाना है।









