UPSC प्रिलिम्स 2026: कोचिंग नोट्स से 82 सवाल मिलने के दावों पर मचा बवाल, NSUI ने उठाई जांच की मांग

UPSC Prelims 2026: Uproar over claims of 82 questions appearing from coaching notes; NSUI demands an inquiry.

नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि इस साल प्रिलिम्स परीक्षा में पूछे गए 100 में से 82 सवाल हुबहू एक निजी कोचिंग संस्थान के स्टडी मटेरियल से मेल खा रहे हैं। इस मुद्दे के सामने आने के बाद शिक्षा जगत और सोशल मीडिया पर पेपर लीक और कोचिंग-माफिया साठगांठ की बहस तेज हो गई है।

​क्या हैं NSUI के आरोप?

​NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि परीक्षा में शामिल हुए कई अभ्यर्थियों ने इस गड़बड़ी को लेकर संगठन से संपर्क किया है। जाखड़ के अनुसार, दिल्ली स्थित ‘अनंतम आईएएस’ (Anantam IAS) नामक एक कोचिंग संस्थान ने पिछले 7 महीनों में जो डिजिटल कंटेंट और नोट्स अपलोड किए थे, परीक्षा के 82 सवाल उसी से मैच हो रहे हैं।

​संगठन ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि परीक्षा संपन्न होने के बाद (24 मई के बाद) इस कोचिंग संस्थान ने अपने ऑनलाइन कंटेंट में बदलाव किए और कथित तौर पर तारीखों (बैकडेट टाइमस्टैम्प) में भी फेरबदल किया। NSUI का कहना है कि 26 मई को कंटेंट अपडेट किए जाने के सबूत मिले हैं, जिससे मिलीभगत का शक और गहरा जाता है। संगठन ने इस पूरे मामले पर UPSC से तत्काल आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है और एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

​कोचिंग संस्थान और सरकार का रुख

​विवाद के तूल पकड़ने के बाद संबंधित कोचिंग संस्थान ‘अनंतम आईएएस’ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कोचिंग संस्थान ने इन दावों को पूरी तरह “निराधार” बताते हुए कहा:

​”यह एक गंभीर और झूठा आरोप है जो एक आपराधिक कृत्य की ओर इशारा करता है। हमारे पास परीक्षा से पहले किसी भी तरह के प्रश्न पत्र की पहुंच नहीं थी।”

​कोचिंग प्रबंधन का कहना है कि तारीखों में बदलाव का भ्रम केवल आंसर-की (Answer Key) के विस्तृत आर्टिकल्स को वेबसाइट पर व्यवस्थित करने की प्रक्रिया के कारण हुआ है।
​दूसरी तरफ, सरकार की फैक्ट चेक इकाई PIB (प्रेस इंफर्मेशन ब्यूरो) ने सोशल मीडिया पर चल रहे पेपर लीक के दावों को पूरी तरह से ‘फेक’ (फर्जी) करार दिया है। PIB फैक्ट चेक के अनुसार, UPSC के प्रश्न पत्र देश भर से चुने गए विभिन्न विषयों के शीर्ष विशेषज्ञों द्वारा पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय तरीके से तैयार किए जाते हैं। सरकार ने अभ्यर्थियों से ऐसी अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करने की अपील की है।

​अभ्यर्थियों के बीच बढ़ी चिंता

​हर साल देशभर से लाखों उम्मीदवार अपनी बरसों की मेहनत के साथ UPSC परीक्षा में बैठते हैं। नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवादों के बीच देश की सबसे बड़ी संस्था पर ऐसे आरोप लगने से अभ्यर्थियों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल है।
​अनेक सिविल सेवा उम्मीदवारों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखने के लिए इस मामले के सभी तथ्यों को पूरी स्पष्टता के साथ सामने लाया जाना चाहिए, ताकि किसी भी योग्य छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। फिलहाल अभ्यर्थी और शिक्षाविद इस पूरे मामले पर UPSC के किसी विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहे हैं।

Chauhan

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