स्कूलों में बुर्का-नकाब पर लग सकती है रोक, विदेशी छात्रों की संख्या भी होगी सीमित; प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में चेहरा ढकने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध और विदेशी छात्रों की संख्या तय करने का प्रस्ताव रखा, कुछ अभिभावकों के लिए इतालवी सीखना भी हो सकता है अनिवार्य

रोम। इटली में स्कूलों को लेकर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा है कि सरकार जल्द ही ऐसा प्रस्ताव कैबिनेट के सामने लाएगी, जिसमें स्कूलों की कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या की अधिकतम सीमा तय करने और बुर्का तथा नकाब पर रोक लगाने का प्रावधान होगा। इसके अलावा, स्कूल में गंभीर एकीकरण संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है।

मेलोनी ने रखे तीन बड़े प्रस्ताव

रोम में अपनी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली की युवा शाखा के कार्यक्रम में मेलोनी ने इन प्रस्तावों की घोषणा की। प्रस्तावित बदलावों में मुख्य रूप से तीन बातें शामिल हैं:

  1. हर कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या की कानूनी अधिकतम सीमा तय करना।
  2. ऐसे विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करना, जिन्हें स्कूल व्यवस्था में गंभीर रूप से घुलने-मिलने में परेशानी हो रही है।
  3. स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे चेहरा ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाना।

अभी यह प्रस्ताव कानून नहीं बना है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार की मंजूरी के बाद इसे कानून का रूप देने के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत होगी।

हिजाब को लेकर क्या कहा गया?

मेलोनी ने अपने बयान में खास तौर पर बुर्का और नकाब का उल्लेख किया है। इन दोनों में चेहरा ढका रहता है, जबकि हिजाब आम तौर पर सिर और गर्दन को ढकता है, चेहरा खुला रहता है। उपलब्ध रिपोर्टों में मेलोनी के प्रस्ताव का मुख्य उल्लेख बुर्का और नकाब को लेकर है।

‘इटली में भविष्य बनाना है तो भाषा और संस्कृति समझनी होगी’

मेलोनी ने कहा कि जो लोग इटली में आकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उन्हें देश की भाषा सीखनी चाहिए, संस्कृति को समझना चाहिए और नियमों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्कूलों में चेहरा ढककर आने के मुद्दे को भी इसी व्यापक एकीकरण नीति से जोड़ा। होगी?

अभी सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि एक कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या कितनी रखी जाएगी। प्रस्ताव का उद्देश्य कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या को कानूनी सीमा के भीतर रखना है। रॉयटर्स के अनुसार, इटली के स्कूलों में मौजूदा समय में करीब 11.6 प्रतिशत छात्र गैर-नागरिक हैं।

2027 के चुनाव से पहले अहम ऐलान

इटली में अगला आम चुनाव 2027 में होना है। प्रवासन और राष्ट्रीय पहचान वहां लंबे समय से राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। मेलोनी की सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रवासन और एकीकरण से जुड़े कई मुद्दों पर सख्त नीतियों पर जोर दिया है। (

हालांकि, मौजूदा घोषणा को अभी प्रस्तावित नीति के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इसे लागू करने से पहले सरकार और संसद की आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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