नींद की गोली, करंट और फिर चोरी का नाटक… CCTV ने खोला हत्या का राज, पत्नी समेत 2 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के संगम विहार इलाके में 55 वर्षीय व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश कथित तौर पर मृतक की पत्नी ने ही रची थी। आरोप है कि पहले पति को नींद की गोलियां दी गईं, फिर करंट लगाया गया और हमला करने के बाद घटनास्थल पर चोरी का झूठा माहौल तैयार किया गया।
दिल्ली पुलिस ने मामले में मृतक मुन्ना लाल की पत्नी मंजू उर्फ नाजिया और उसके कथित सहयोगी चमन को गिरफ्तार किया है। वहीं, आरोपी को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में किशन नाम के एक युवक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
सुबह सड़क पर खून से लथपथ मिले थे मुन्ना लाल
पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे मुन्ना लाल रतिया मार्ग पर गंभीर हालत में मिले थे। उनके शरीर पर चोट के निशान थे और वह खून से लथपथ थे।
पुलिस उन्हें तत्काल AIIMS ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल पर ऐसे संकेत मिले, जिनसे कथित तौर पर यह समझने की कोशिश की गई थी कि वारदात चोरी के दौरान हुई है। पुलिस को खून के निशान मिटाने और सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश के भी संकेत मिले।
CCTV फुटेज ने बदल दी जांच की दिशा
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक महिला और एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां पुलिस के सामने आईं।
फुटेज के मुताबिक, करीब 1:45 बजे एक नकाबपोश व्यक्ति घर में दाखिल हुआ और लगभग 3:15 बजे वहां से बाहर निकलता दिखाई दिया।
CCTV फुटेज और दूसरे सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और कथित तौर पर हत्या की साजिश तक पहुंची।
घरेलू विवाद और पैसों को लेकर साजिश का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी और कथित मारपीट को हत्या की साजिश की वजह बताया जा रहा है।
आरोप है कि मुन्ना लाल को पहले नींद की गोलियां दी गईं। इसके बाद गला घोंटने, करंट लगाने और लकड़ी के डंडे से हमला करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, चमन ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये के बदले वारदात में शामिल होने की हामी भरी थी। पुलिस का दावा है कि घटना के दौरान उसे 20 हजार रुपये दिए गए।
नकदी भी बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से 15 हजार रुपये नकद बरामद करने की बात कही है। जांच एजेंसियां अब हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के बीच संपर्क समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
चोरी का नाटक क्यों रचा गया?
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हत्या के बाद मामले को चोरी का रूप देने की कोशिश की गई थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। लेकिन CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।









