6 बड़े अफसरों को लगातार सेवा विस्तार… अब रक्षा सचिव और IB डायरेक्टर पर टिकी नजरें, क्या है सरकार का प्लान?

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पिछले कुछ महीनों में देश के कई बेहद अहम प्रशासनिक और जांच एजेंसियों के प्रमुखों को सेवा विस्तार दिया है। इनमें कैबिनेट सचिव से लेकर गृह सचिव, विदेश सचिव, CBI और ED निदेशक तथा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
इन पदों पर तैनात अधिकारियों का कार्यकाल सामान्य तौर पर तय अवधि का होता है। ऐसे में लगातार सेवा विस्तार को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि सरकार प्रमुख मंत्रालयों और जांच एजेंसियों के नेतृत्व में अचानक बदलाव से बचते हुए निरंतरता बनाए रखना चाहती है।
किन 6 अधिकारियों का बढ़ा कार्यकाल?
1. कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन
देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर तैनात टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल अगस्त में बढ़ाया गया। अब वे 2027 तक कैबिनेट सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
2. गृह सचिव गोविंद मोहन
देश की आंतरिक सुरक्षा और गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे गोविंद मोहन को भी सेवा विस्तार मिला है। अब वे अगस्त 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।
3. विदेश सचिव विक्रम मिसरी
विदेश नीति और कूटनीतिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे विक्रम मिसरी का कार्यकाल जुलाई में एक साल के लिए बढ़ाया गया। अब वे जुलाई 2027 तक विदेश सचिव के पद पर रहेंगे।
4. CBI निदेशक प्रवीण सूद
केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के निदेशक प्रवीण सूद को लगातार दूसरी बार सेवा विस्तार मिला है। इसके बाद उनका कार्यकाल मई 2027 तक हो गया है।
5. ED निदेशक राहुल नवीन
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल भी एक साल बढ़ाया गया है। वे अब अगस्त 2027 तक पद पर बने रहेंगे।
6. रेलवे बोर्ड अध्यक्ष सतीश कुमार
देश के विशाल रेलवे नेटवर्क की कमान संभाल रहे रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार को भी लगातार दूसरा सेवा विस्तार मिला है। अब वे अगस्त 2027 तक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
रक्षा सचिव के फैसले पर क्यों टिकी नजर?
जहां सरकार ने कई महत्वपूर्ण अधिकारियों का कार्यकाल बढ़ा दिया है, वहीं अब रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
उनका मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त होना है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार उन्हें भी सेवा विस्तार देगी?
फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
IB में हुआ बदलाव, अब आगे क्या?
इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB में स्थिति कुछ अलग रही। पूर्व निदेशक को दो बार सेवा विस्तार दिए जाने के बाद जुलाई 2026 में महेश दीक्षित को नया IB निदेशक नियुक्त किया गया।
इस बदलाव के बाद अब निगाहें रक्षा सचिव के कार्यकाल पर टिकी हैं।
बड़े पदों पर निरंतरता का संकेत?
कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, विदेश सचिव और प्रमुख जांच एजेंसियों के निदेशकों समेत कई शीर्ष अधिकारियों को कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद एक बात साफ दिखाई देती है—सरकार महत्वपूर्ण संस्थानों के नेतृत्व में निरंतरता को प्राथमिकता दे रही है।
हालांकि, सेवा विस्तार के पीछे सरकार के अलग-अलग प्रशासनिक और संस्थागत कारण हो सकते हैं। रक्षा सचिव को लेकर अंतिम फैसला होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शीर्ष नौकरशाही में सेवा विस्तार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है या नहीं।









