तेजप्रताप हारे, तेजस्वी भी हार की स्थिति में : लालू परिवार का राजनीतिक वर्चस्व खतरे में, बड़े बेटे की करारी हार, छोटे बेटे पर भी हार का साया, जानिये लालू के दोनों लाल का हाल
Tej Pratap loses, Tejashwi faces defeat: Lalu's family's political dominance under threat, elder son suffers crushing defeat, younger son also faces defeat, find out about Lalu's two sons.

Tezpratap Yadav And Tejswi Yadav : बिहार चुनाव में बड़ा उलटफेर दिख रहा है। एक तरफ जहां एनडीए 200 के आंकड़े को छू रही है, तो वहीं दूसरी तरफ लालू यादव का राजनीतिक वर्चस्व खत्म होता दिख रहा है। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जहां महुआ से चुनाव हार गये हैं, तो वहीं राघोपुर से तेजस्वी पर भी हार का खतरा मंडरा रहा है। महुआ में तेजप्रताप को करारी हार मिली है। वो चौथे नंबर पर रहे।
वहीं बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक राघोपुर में राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव और भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार यादव के बीच कड़ा मुकाबला जारी है। शुरुआती बढ़त के बाद तेजस्वी कई राउंड में पीछे चले गए, जिससे यह सीट बेहद रोमांचक बन गई है।
राघोपुर—बिहार की हॉट सीट, जहाँ पल-पल बदल रहा चुनावी खेल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की गिनती शुरू होते ही राघोपुर सीट पूरे प्रदेश की सबसे चर्चित और तनावपूर्ण सीटों में शामिल हो गई है। यह सीट हमेशा से राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील रही है, क्योंकि यह लालू यादव परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती है। इस बार यहाँ से राजद नेता और महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव एक बार फिर मैदान में हैं, जिन्हें चुनौती दे रहे हैं भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार यादव।
दोनों नेताओं के बीच मुकाबला इतना कड़ा है कि शुरुआती राउंड से ही बढ़त लगातार बदल रही है। कभी तेजस्वी आगे हो जाते हैं, तो कभी सतीश यादव। यह सीट इस चुनाव का सबसे बड़ा थ्रिलर बन गई है।
2020 और उससे पीछे की कहानी—सतीश यादव ने किया था बड़ा उलटफेर
तेजस्वी यादव 2020 के चुनाव में भी सतीश यादव को हराकर विजयी हुए थे, लेकिन यह सीट भाजपा उम्मीदवार के लिए नई नहीं है।
साल 2010 में सतीश यादव ने राबड़ी देवी को 13,006 वोटों से हराकर पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी थी। उस समय वे जदयू के टिकट पर लड़े थे। 2025 में उन्हें एनडीए ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में उतारा है।
उनकी पिछली सफलता और स्थानीय पकड़ के कारण राघोपुर का मुकाबला बेहद प्रतिष्ठा का बन चुका है।
राउंड-दर-राउंड: कहाँ कौन आगे?
राघोपुर सीट पर कुल 30 राउंड की गिनती होनी है। अब तक प्राप्त रुझान बेहद उलझे हुए और चौंकाने वाले हैं।
पहला राउंड
• तेजस्वी यादव – 4463 वोट
• सतीश यादव – 3570 वोट
➡️ तेजस्वी 893 वोट से आगे
दूसरा राउंड
• तेजस्वी को मिले 8387 कुल वोट
➡️ 916 वोट की बढ़त
तीसरा राउंड
• तेजस्वी – 10,957 वोट
• सतीश – 12,230 वोट
➡️ तेजस्वी 1,273 वोट से पीछे
चौथा राउंड
• सतीश यादव – 17,599 वोट
➡️ सतीश 3,000 वोट की लीड पर
आठवाँ राउंड
• तेजस्वी ने पलटवार करते हुए 286 वोट की लीड बनाई।
नौवें राउंड
➡️ तेजस्वी फिर पीछे हो गए।
रुझानों से स्पष्ट है कि यह चुनाव किसी भी क्षण करवट बदल सकता है।
तेजस्वी यादव बोले—”बदलाव होगा”
मतगणना शुरू होने से पहले तेजस्वी यादव पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास से निकले। उनके साथ बहन मीसा भारती भी थीं।मीडियाकर्मियों से उन्होंने कहा—“बदलाव होगा… बिहार में नौकरी वाली युवाओं की सरकार बनेगी।”उनके इस बयान से साफ है कि वे न केवल अपनी सीट को लेकर आश्वस्त हैं बल्कि पूरे बिहार के नतीजों पर भी सकारात्मक उम्मीद लगाए हुए हैं।
तेजप्रताप यादव की करारी हार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में सबकी नजरें लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के नेतृत्व वाली नवगठित जनशक्ति पर थीं. JJD को कोई सीट नहीं मिली. खुद तेजप्रताप महुआ सीट पर चौथे पायदान पर रहे. यह नतीजा राजनीतिक हलकों और मीडिया दोनों के लिए आश्चर्यजनक था. वोट काउंटिंग के आंकड़ों और रिपोर्ट्स से पता चलता है कि महुआ में तेजप्रताप अपेक्षाकृत कम वोटपूल में रहे. शुरुआती राउंड में वे तीसरे-चौथे स्थान पर चले गए और वोटों हासिल करने में उनकी दूरी बढ़ती गई. ऐसे में हम उन 5 बड़े संभावित कारणों का विश्लेषण आपको बता रहे हैं, है जिनकी वजह से जनता ने JJD और तेजप्रताप को स्वीकार नहीं किया और क्यों वे खुद महुआ में भी टिक नहीं पाए.









