बैट्समैन ने बैट से दो बार बॉल मारी, अंपायर ने दे दिया आउट, जानिये क्या है क्रिकेट में Hit the Ball Twice Rule, अब तक सिर्फ 5 बार हुआ है ऐसा
The batsman hit the ball twice with his bat, and the umpire gave him out. Learn about the Hit the Ball Twice Rule in cricket. This has only happened five times so far.

Cricket Hit the Ball Twice Rule : क्रिकेट में कई ऐसे नियम है, जो जानकर ना सिर्फ हैरान करते हैं, बल्कि टीम को बेवजह मुसीबत में भी डाल देते हैं। ऐसा ही एक रूल है Hit the Ball Twice, इस नियम को नहीं जानने वाले कई खिलाड़ी को मैदान से सीधे पवैलियन (dismissals) का भी रास्ता देखना पड़ सकता है। क्रिकेट इतिहास में चुनिंदा ही ऐसे मामले हुए हैं, जिसमें इस नियम के तहत बल्लेबाजों को आउट करार दिया गया है।
दरअसल रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग में मणिपुर के बल्लेबाज लामाबम सिंह एक बेहद दुर्लभ आउट “Hit the Ball Twice” का शिकार हुए। मेघालय के खिलाफ सूरत में हुए इस मैच में उन्होंने गेंद को दो बार बैट से छुआ, जिसके बाद अंपायर ने तुरंत उन्हें आउट दे दिया। रणजी इतिहास में यह केवल कुछ बार ही देखा गया है, इससे पहले 2005-06 में ऐसा dismissal हुआ था।
रणजी ट्रॉफी में हुआ बेहद दुर्लभ आउट
क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे दृश्य देखने को मिल जाते हैं जिन्हें देखकर खिलाड़ी, दर्शक और अंपायर तक हैरान रह जाते हैं। कुछ इतने दुर्लभ होते हैं कि वर्षों तक दोबारा नजर नहीं आते। ऐसा ही एक मामला रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग में देखने को मिला, जब मणिपुर के बल्लेबाज लामाबम सिंह को “Hit the Ball Twice” आउट करार दिया गया।
यह मैच सूरत में मेघालय के खिलाफ खेला जा रहा था। घटना मणिपुर की पहली पारी के दौरान हुई जब तेज गेंदबाज आर्यन बोरा की गेंद को लामाबम ने डिफेंड किया। शॉट बहुत हल्का था, जिसकी वजह से गेंद धीरे-धीरे स्टंप्स की ओर लुढ़कने लगी।
गेंद रोकने के प्रयास में गलत फैसला
गेंद को स्टंप्स से टकराने से बचाने के लिए लामाबम ने बैट से दोबारा गेंद को रोक दिया। मैदान पर मौजूद अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने ESPNcricinfo को बताया कि बल्लेबाज का उद्देश्य साफ तौर पर विकेट बचाना था, लेकिन उन्होंने जिस तरह से गेंद को दोबारा बैट से छुआ, वह नियमों के अनुसार गलत था।एक ग्राउंड अधिकारी ने बताया,“वह गेंद को पैड से भी रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने बैट लगाया। जैसे ही ऐसा हुआ, अंपायर धर्मेश भारद्वाज ने तुरंत ‘Hit the Ball Twice’ का फैसला सुनाया।”मेघालय की अपील के बाद बल्लेबाज ने बिना किसी विरोध के पवेलियन की राह पकड़ ली।
MCC का नियम क्या कहता है?
MCC के Rule 34.1.1 के अनुसार:
यदि गेंद बल्लेबाज के बैट या शरीर को छूने के बाद जानबूझकर दोबारा बैट या शरीर (सिवाय उस हाथ के जो बैट नहीं पकड़े हो) से खेली जाती है और गेंद फील्डर के छूने से पहले ही मारी जाती है, तो बल्लेबाज Hit the Ball Twice आउट माना जाएगा—सिवाय उस स्थिति के,जब गेंद को दोबारा मारने का एकमात्र उद्देश्य स्टंप्स को बचाना हो।हालाँकि इस प्रकरण में अंपायर को लगा कि बल्लेबाज का इरादा नियमों के दायरे में नहीं था।
रणजी ट्रॉफी में ऐसा आउट बेहद कम
इस तरह आउट होना अत्यंत दुर्लभ है। रणजी इतिहास में यह कुछ ही बार देखने को मिला है:
• 2005-06 – जम्मू-कश्मीर के कप्तान ध्रुव महाजन (झारखंड के खिलाफ)
• 1998-99 – तमिलनाडु के आनंद जॉर्ज
• 1986-87 – जम्मू-कश्मीर के शाहिद परवेज
• 1963-64 – आंध्र के के. बावन्ना
अब लामाबम सिंह इस सूची में नया नाम बन गए हैं।
लामाबम बिना खाता खोले आउट, टीम मुश्किल में
इस मैच में लामाबम 20 गेंदें खेलने के बावजूद 0 रन पर आउट हो गए। मणिपुर की टीम मेघालय को 88 रनों की बढ़त दे चुकी है। अब मणिपुर का लक्ष्य मैच को ड्रॉ करना है, क्योंकि सिर्फ एक अंक भी उसे प्लेट फाइनल के टॉप-2 में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त होगा।









