झारखंड: मैट्रिक-इंटर की परीक्षा में इस बार बंपर रिजल्ट की तैयारी, शिक्षकों को दी जा रही है ट्रेनिंग, छात्रों को परीक्षा के लिए मिलेगी ये खास…
Jharkhand: Preparations underway for bumper results in Matriculation and Intermediate examinations, teachers are being trained, students will receive special guidance for the exams...

10th 12th Board Exam : बोर्ड में इस बार बंपर रिजल्ट की तैयारी शिक्षा विभाग ने की है। परीक्षार्थियों को क्वालिटी एजुकेशन के साथ ही शिक्षकों को भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि छात्रों को बेहतर रिजल्ट हो। देवघर में वर्ष 2025–26 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने मिशन मोड में तैयारी की है।
सभी विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को परीक्षा-केंद्रित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि छात्रों को अगले दो महीनों में विशेष रूप से परीक्षा उपयोगी विषयवस्तु ही पढ़ाई जाए। अभ्यास-आधारित शिक्षण और मॉडल प्रश्न पत्रों पर खास जोर दिया जा रहा है। छात्रों का रिजल्ट बेहतर करने और परीक्षा के दबाव को कम करने के उद्देश्य से विभाग ने सभी उच्च विद्यालयों, प्लस टू स्कूलों और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को विशेष प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।
इस प्रशिक्षण का मुख्य फोकस परीक्षा-केंद्रित शिक्षण, समय प्रबंधन और मॉडल प्रश्नपत्रों पर आधारित अभ्यास को सुदृढ़ बनाना है।जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) विनोद कुमार ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सिलेबस को अब संक्षिप्त, आसान और परीक्षा-उपयोगी तरीके से पढ़ाने का निर्देश जारी किया गया है। आपको बता दें कि वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी के बीच आयोजित की जानी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी शिक्षकों को अपने-अपने स्कूलों में मजबूत कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आगामी दो महीनों में छात्रों को वही पढ़ाया जाए जो सीधे तौर पर परीक्षा में मददगार हो। इसके तहत हर स्कूल को संभावित प्रश्नों का संकलन तैयार करने, मॉडल पेपर बनाने और छात्रों से उसका नियमित अभ्यास करवाने की जिम्मेदारी दी गई है।DEO ने बताया कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन अध्ययन करते हुए उन प्रश्नों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो बार-बार पूछे जाते रहे हैं।
शिक्षकों को अपने अनुभव के आधार पर प्रत्येक विषय से महत्वपूर्ण प्रश्नों का चयन कर छात्रों को बार-बार अभ्यास कराने के लिए कहा गया है। उनका कहना है कि कई बार छात्र विषय का ज्ञान होने के बावजूद अभ्यास की कमी के कारण परीक्षा में प्रभावी उत्तर नहीं लिख पाते। इस वजह से इस बार “अभ्यास आधारित पढ़ाई” को केंद्र में रखा गया है।
जिले के सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में 10वीं और 12वीं के छात्रों को प्रत्येक अध्याय और प्रत्येक बिंदु को विस्तार से समझाने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। DEO ने कहा कि इन विद्यालयों से अभिभावकों और समाज को विशेष अपेक्षाएँ रहती हैं, इसलिए शिक्षकों को अत्यंत जिम्मेदारी से तैयारी करवाने को कहा गया है।
शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
परीक्षा परिणामों को सुधारने और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में जिले के सभी प्रधानाचार्यों, उच्च विद्यालयों तथा प्लस-टू विद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में—
• परीक्षा-केंद्रित शिक्षण की रणनीति
• उत्तर लेखन का ढंग
• समय प्रबंधन
• कमजोर छात्रों की पहचान और सुधार
• मॉडल प्रश्नपत्रों के आधार पर नियमित अभ्यास
जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।









