तीन इंजीनियरिंग छात्र की मौत: तेज रफ्तार बनी मौत की वजह, मवेशी को बचाने के चक्कर कार पलटी, तीन छात्रों की मौत
Three engineering students died: Speeding became the cause of death, car overturned while trying to save cattle, three students died.

भीषण सड़क हादसे में इंजीनियरिंग कॉलेज के 4 छात्रों की मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हैं। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी।
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Road Accident : एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तीन इंजीनियरिंग छात्रों की सड़क हादसे में मौत हो गयी। नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र की ये पूरी घटना है। मिली जानकारी के मुताबिक चंडी-सरमेरा एसएच-78 पर गौढ़ा गांव के पास तेज रफ्तार कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज के चार छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक झटके में उजड़ गए चार घर
हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान राहुल रंजन, आशीष कुमार, उत्सव कुमार और एक अन्य छात्र के रूप में हुई है। सभी छात्र इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) ब्रांच के तृतीय सेमेस्टर के थे और उनकी उम्र महज 24-25 वर्ष के बीच थी।घायल छात्रों में धीरज कश्यप और शशिकांत कुमार शामिल हैं, जिन्हें गंभीर हालत में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया है।
मवेशी को बचाने की कोशिश बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी छात्र एक काले रंग की कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। रास्ते में अचानक सामने आए मवेशी को बचाने के प्रयास में चालक ने तेज ब्रेक लगाया, जिससे कार अनियंत्रित हो गई।
तेज रफ्तार के कारण वाहन कई बार पलटते हुए करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा, जिसमें करीब दो फीट पानी भरा हुआ था। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
धमाके जैसी आवाज सुन दौड़े ग्रामीण
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कार में फंसे छात्रों को बाहर निकाला। सभी छात्र अचेत अवस्था में थे।ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
घटनास्थल से मिले अहम सुराग
पुलिस ने घटनास्थल पर जांच के दौरान सड़क पर दूर तक टायर घिसटने के निशान पाए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि चालक ने अचानक ब्रेक लगाया था।साथ ही टायर फटने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं वाहन की तकनीकी खराबी तो हादसे की वजह नहीं बनी।
कार की खरीद और चालक पर सवाल
पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार का पंजीकरण पहले पटना निवासी मो. अरशद के नाम पर था, जिन्होंने बाद में इसे एक एजेंसी को बेच दिया था।जानकारी मिली है कि यह कार हाल ही में गया निवासी छात्र धीरज कश्यप ने खरीदी थी। हालांकि, हादसे के समय कार कौन चला रहा था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस था या नहीं—इसकी जांच अभी जारी है।
मंदिर दर्शन से लौटने की आशंका
कार से पूजा सामग्री मिलने के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि छात्र चैती नवरात्र के पहले दिन मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घायल छात्रों के होश में आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।









