JPSC-JSSC Scam: CID के हाथ लगी बड़ी कड़ी! दो आरोपी गिरफ्तार, YBN यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड खंगाले… क्या खुलेगा परीक्षा धांधली का पूरा नेटवर्क?

JPSC में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए एजेंट की भूमिका निभाने का आरोप, JSSC CGL में भी संदिग्ध कनेक्शन; यूनिवर्सिटी से मिले दस्तावेजों की जांच तेज

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और फर्जी डिग्री से जुड़े मामलों की जांच अब एक बार फिर तेज हो गई है। CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी दौरान जांच टीम रांची स्थित YBN यूनिवर्सिटी भी पहुंची, जहां कई दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए।

CID की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसी का फोकस कथित परीक्षा धांधली के पीछे काम कर रहे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है। यूनिवर्सिटी से जब्त किए गए रिकॉर्ड भी जांच के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।

YBN यूनिवर्सिटी पहुंची CID, खंगाले गए दस्तावेज

CID की टीम सोमवार को YBN यूनिवर्सिटी पहुंची और संस्थान से जुड़े जरूरी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय के संचालक वहां मौजूद नहीं थे।

जांच टीम ने कुछ जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू कर दी है। फर्जी डिग्री से जुड़े मामलों में इन दस्तावेजों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

अब इन रिकॉर्ड की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ी और फर्जी डिग्री के मामलों के बीच कोई कनेक्शन तो नहीं है।

शिवांगन कोचिंग का संचालक गिरफ्तार

CID ने रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र निवासी संजीत कुमार (38) को गिरफ्तार किया है। वह शिवांगन कोचिंग का संचालक बताया गया है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, कोचिंग चलाने के अलावा संजीत कथित तौर पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित तरीके से सफल कराने के लिए एजेंट के रूप में भी काम करता था।

उसका नाम JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच के दौरान सामने आया है।

JSSC CGL मामले में भी हुई दूसरी गिरफ्तारी

दूसरी गिरफ्तारी दिलीप कुमार पासवान (41) की हुई है। CID के अनुसार, उसका नाम JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में सामने आया।

दिलीप पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के नवकाडीह में रह रहा था। उसका मूल पता बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र का बताया गया है।

अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप

CID का आरोप है कि दिलीप ने कथित तौर पर कई अभ्यर्थियों से पैसे लिए और उन्हें परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की।

जांच एजेंसी के मुताबिक, वह कुछ छात्रों को आसनसोल लेकर गया था, जहां उन्हें परीक्षा से जुड़े कथित प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए।

अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों तक परीक्षा से जुड़ी जानकारी आखिर किस माध्यम से पहुंचाई गई और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

पूछताछ में खुल सकती हैं कई अहम कड़ियां

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद CID उनसे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी का फोकस JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली, अभ्यर्थियों से पैसों की वसूली, फर्जी डिग्री और इससे जुड़े संस्थानों व लोगों के नेटवर्क पर है।

YBN यूनिवर्सिटी से मिले दस्तावेजों की जांच भी इसी दिशा में की जा रही है। रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अगर नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि CID के हाथ लगी ये कड़ियां आखिर JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी के कथित पूरे नेटवर्क तक पहुंचाती हैं या नहीं। आने वाली जांच में इसका खुलासा हो सकता है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *