झारखंड: सिपाही क्यों बन गया हत्यारा ? अपने ही दोस्त के साथ मिलकर दादा को उतार दिया मौत के घाट, एसपी ने किया सनसनीखेज खुलासा
Jharkhand: Why did a policeman become a murderer? He killed his grandfather with the help of his own friend, the Superintendent of Police made a sensational revelation.

Jharkhand Crime News : ऑनलाइन गेम की सनक कांस्टेबल पर इतनी चढ़ी, कि वो अपने दादा का ही खून कर बैठा। पुलिस ने साहिबगंज में हुई बुजुर्ग की हत्या मामले का खुलासा कर दिया है। दरअसल साहिबगंज तालबन्ना निवासी विश्वनाथ गुप्ता की हत्या हो गयी थी। पुलिस की जांच में पता चला कि हत्या मृतक के चचेरे भाई के पोते और IRB जवान सुमित कुमार गुप्ता ने अपने दोस्त अमन जायसवाल के साथ मिलकर की थी।
ऑनलाइन गेमिंग की लत और लगभग 50 लाख रुपये के कर्ज ने सुमित को अपराध की ओर धकेल दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर नकद, हथियार और अन्य सामान जब्त किया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि इस हत्या के पीछे कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मृतक का ही रिश्तेदार शामिल था।
पुलिस ने जांच करते हुए पाया कि विश्वनाथ गुप्ता की हत्या, उनके चचेरे भाई के पोते सुमित कुमार गुप्ता ने अपने दोस्त अमन जायसवाल के साथ मिलकर की थी। हैरानी की बात यह है कि दोनों आरोपी झारखंड IRB में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। हत्या का मुख्य कारण विश्वनाथ गुप्ता के बैंक खातों से पैसा निकालने की साजिश थी।
सुमित पर ऑनलाइन गेम ‘दमन’ खेलने की वजह से लगभग 50 लाख रुपये का भारी कर्ज हो गया था। कर्ज वसूली करने वाले लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके कारण वह मानसिक तनाव में था और बड़ी रकम की तलाश कर रहा था।इसी बीच, लगभग छह महीने पहले सुमित के परिवार ने कहलगांव स्थित अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेच दी थी, जिसमें मिले पैसे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विश्वनाथ गुप्ता को मिला था। सुमित की नजर इन्हीं पैसों पर थी।
पैसे हासिल करने के लिए उसने बिहार के मधेपुरा निवासी और IRB में ही कार्यरत अपने दोस्त अमन जायसवाल को साथ मिलाया तथा दुमका जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र के हटिया टोला निवासी साइबर अपराधी सोहित कुमार राउत से संपर्क किया।साजिश के तहत सोहित को मृतक की पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन चोरी करने का काम सौंपा गया था, जिसके बाद अकाउंट से लाखों रुपये निकालने की योजना बनाई गई थी।
हालांकि, हत्या के बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने मृतक के सभी बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कर दिया, जिससे आरोपी पैसे नहीं निकाल पाए।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमित, अमन और सोहित को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने इनके कब्जे से 1,24,000 रुपये नकद, कई कीमती गहने, बैंक अकाउंट से संबंधित दस्तावेज, सात मोबाइल फोन, एक पिस्तौल तथा चार जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।मुख्य आरोपी सुमित 2019 में IRB-8 में भर्ती हुआ था, उसका मुख्यालय गोड्डा में है और वह घटना के समय लातेहार जिले के चंदना थाना क्षेत्र के बोडा पिकेट में तैनात था।









