कोका-कोला से 2 साल पहले भारत में शुरू हुआ था ये देसी Soft Drink! ईरानी शख्स के दिमाग का कमाल, आज भी है बाजार में

1884 में पुणे से हुई थी शुरुआत, पीढ़ियों से चल रहा कारोबार; नाम शायद आपने सुना भी हो, लेकिन इसकी कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली। आज जब भी Soft Drink का नाम आता है तो सबसे पहले कोका-कोला, पेप्सी और दूसरे बड़े ब्रांड्स का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में सॉफ्ट ड्रिंक का इतिहास इन मशहूर विदेशी ब्रांड्स से भी काफी पुराना है?

भारत का पहला सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड ‘अर्देशिर सोडा’, जिसे ‘आर्डीज’ (Ardy’s) के नाम से भी जाना जाता है, माना जाता है। इसकी शुरुआत 1884 में पुणे में हुई थी और खास बात यह है कि यह ब्रांड आज भी अस्तित्व में है।

ईरान से आए शख्स ने शुरू किया था कारोबार

अर्देशिर सोडा की शुरुआत अर्देशिर खोदादाद ईरानी ने की थी। ईरान से भारत आए अर्देशिर ने साल 1884 में पुणे में एक छोटी बॉटलिंग यूनिट से कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और सोडा वॉटर तैयार करना शुरू किया।

उस दौर में भारत में आज की तरह Soft Drink का कोई बड़ा बाजार नहीं था। इसके बावजूद अर्देशिर ने स्वाद और क्वालिटी पर ध्यान देते हुए अपने कारोबार को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया।

शुरुआत में उनके बनाए पेय स्थानीय लोगों के अलावा कैफे और ईरानी प्रतिष्ठानों में भी लोकप्रिय होने लगे।

कोका-कोला से भी पुराना है ब्रांड

अर्देशिर सोडा की सबसे खास बात इसकी उम्र है। 1884 में शुरू हुआ यह ब्रांड अमेरिका में कोका-कोला की शुरुआत से करीब दो साल पहले का है।

यानी जिस कोका-कोला को आज दुनिया के सबसे बड़े Soft Drink ब्रांड्स में गिना जाता है, उससे पहले ही भारत में अर्देशिर सोडा का कारोबार शुरू हो चुका था।

मीठे कोला से लेकर मसालेदार फ्लेवर तक

समय के साथ अर्देशिर सोडा ने अपने प्रोडक्ट्स में भी बदलाव किए। जहां पहले पारंपरिक कार्बोनेटेड ड्रिंक और सोडा वॉटर पर फोकस था, वहीं बाद में मीठे कोला और चटपटे मसालेदार फ्लेवर भी शामिल किए गए।

ब्रांड की पहचान बड़े पैमाने पर विज्ञापन करने के बजाय अपने स्वाद, क्वालिटी और पुराने ग्राहकों के भरोसे से बनी रही।

आज भी परिवार ही संभाल रहा है कारोबार

1884 से शुरू हुआ यह कारोबार आज भी पारिवारिक रूप से चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, अर्देशिर ईरानी के पड़पोते Marzban Irani अब इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक के पुराने कारोबार के साथ अब कंपनी के काम में पानी और बर्फ का उत्पादन भी शामिल हो गया है।

क्यों खास है अर्देशिर सोडा?

अर्देशिर सोडा की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह किसी बड़े ग्लोबल ब्रांड की तरह भारी-भरकम विज्ञापन या मार्केटिंग पर निर्भर नहीं रहा। इसकी पहचान लंबे समय से पुराने स्वाद, क्वालिटी और पारंपरिक बॉटलिंग से बनी हुई है।

आज भी इसका मुख्यालय पुणे में है और उत्पादन जारी है। हालांकि यह एक निच (Niche) ब्रांड है और इसकी पहुंच बड़े Soft Drink ब्रांड्स जितनी व्यापक नहीं है।

140 साल से ज्यादा पुरानी विरासत

1884 में शुरू हुआ अर्देशिर सोडा आज 140 साल से ज्यादा पुरानी विरासत बन चुका है। ऐसे समय में जब बाजार में हर दिन नए Soft Drink ब्रांड दस्तक दे रहे हैं, एक भारतीय ब्रांड का इतनी लंबी यात्रा पूरी करना अपने आप में खास है।

यानी अगली बार जब कोई आपसे भारत के सबसे पुराने Soft Drink ब्रांड का नाम पूछे, तो कोका-कोला या पेप्सी नहीं, बल्कि 1884 में पुणे से शुरू हुए ‘अर्देशिर सोडा’ की कहानी याद रखिए।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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