रांची: 31 साल पहले पुलिस जीप से हुआ था एक्सीडेंट, अब मिला इंसाफ: 3 साल बेड पर रहे पत्रकार भानु प्रताप को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मुआवजा बढ़कर 14.10 लाख
रांची में 31 साल पुराने सड़क हादसे के मामले में पत्रकार भानु प्रताप सिंह को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 14.10 लाख रुपये किया।

रांची। करीब 31 साल पहले हुए सड़क हादसे का दर्द आज भी पत्रकार भानु प्रताप सिंह की जिंदगी का हिस्सा है। वर्ष 1995 में पुलिस जीप की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए भानु प्रताप को अब झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने मुआवजे की राशि बढ़ाकर 14.10 लाख रुपये कर दी है। इतना ही नहीं, इस राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तारीख से भुगतान होने तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी मिलेगा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बढ़ी हुई मुआवजा राशि आठ सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है।
28 साल की उम्र में हादसा, जिंदगी बदल गई
हादसे के वक्त भानु प्रताप सिंह महज 28 वर्ष के थे। वह प्रेस संवाददाता के तौर पर काम कर रहे थे और सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर चुके थे। इसी दौरान सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।पुलिस जीप की टक्कर में उनके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा और करीब तीन साल तक बिस्तर पर रहना पड़ा। मेडिकल बोर्ड ने भी 60 प्रतिशत से अधिक स्थायी शारीरिक दिव्यांगता प्रमाणित की।आज भी उन्हें चलने के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ता है।
9.58 लाख से बढ़कर 14.10 लाख हुआ मुआवजा
इस मामले में दुमका मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 24 दिसंबर 2005 को 9.58 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ दुमका के पुलिस अधीक्षक की ओर से हाई कोर्ट में अपील की गई।वहीं, भानु प्रताप सिंह ने भी मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर वर्ष 2025 में क्रास आब्जेक्शन दाखिल किया था। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पुराने मुआवजे को बढ़ाकर 14.10 लाख रुपये कर दिया।
भविष्य की कमाई के नुकसान का भी मिला मुआवजा
अदालत ने मामले में भानु प्रताप की कार्यात्मक दिव्यांगता 70 प्रतिशत मानते हुए मुआवजे की गणना की। भविष्य की आय के नुकसान के लिए करीब 5.99 लाख रुपये, चिकित्सा खर्च के लिए 2 लाख रुपये और इलाज के दौरान आय के नुकसान के लिए 1.08 लाख रुपये समेत अलग-अलग मदों में राशि तय की गई।
14.10 लाख पर हर साल 84,600 रुपये ब्याज
हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक 14.10 लाख रुपये की मुआवजा राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी मिलेगा। यानी एक साल के हिसाब से करीब 84,600 रुपये ब्याज बनेगा।हालांकि अंतिम ब्याज की गणना दावा याचिका दाखिल करने की वास्तविक तारीख से लेकर राज्य सरकार द्वारा भुगतान किए जाने की तारीख तक की अवधि के आधार पर होगी।करीब तीन दशक पुराने इस मामले में हाई कोर्ट का फैसला भानु प्रताप सिंह के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। 1995 के हादसे के बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई में अब मुआवजा बढ़कर 14.10 लाख रुपये पहुंच गया है।








