झारखंड कांग्रेस में बड़ा एक्शन! मुस्लिमों पर विवादित टिप्पणी पड़ी भारी, उपाध्यक्ष समेत 2 नेता सस्पेंड
ईरबा सड़क जाम के दौरान वायरल वीडियो पर कांग्रेस ने की कार्रवाई; अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह पर समुदाय का कथित तौर पर उपहास उड़ाने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप

रांची। झारखंड कांग्रेस ने पार्टी के दो नेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुस्लिम समुदाय को लेकर कथित तौर पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अभिलाष साहू और को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई ईरबा में सड़क जाम के दौरान बनाए गए एक वीडियो के वायरल होने के बाद की गई। वायरल वीडियो में दोनों नेताओं पर मुस्लिम समुदाय का कथित तौर पर उपहास उड़ाने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा। वीडियो सामने आने के बाद मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा और अनुशासन समिति ने दोनों नेताओं के मामले की सुनवाई की।
आखिर वीडियो में ऐसा क्या था?
बताया जा रहा है कि ईरबा में मुस्लिम समुदाय के लोगों की ओर से सड़क जाम किए जाने के दौरान दोनों कांग्रेस नेताओं ने लाइव वीडियो बनाया था। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनका मजाक उड़ाया।
दोनों नेताओं पर यह भी आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वह मुस्लिमों के साथ ठीक कर रहे हैं।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया और कांग्रेस संगठन पर भी सवाल उठने लगे।
वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस ने लिया एक्शन
मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की। पार्टी की ओर से जारी निष्कासन पत्र में कहा गया कि ईरबा सड़क जाम के दौरान वायरल हुए वीडियो के मामले में सुनवाई के बाद दोनों नेताओं को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
पार्टी के बड़े नेताओं को भी भेजी गई कार्रवाई की जानकारी
दोनों नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, सहप्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद, भूपेंद्र मरावी समेत कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता, सभी मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी की अनुशासन समिति के पदाधिकारियों को भी भेजी गई है।
संगठन में अनुशासन को लेकर सख्त संदेश
पार्टी के इस फैसले को संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक दलों के नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियां अक्सर विवाद का कारण बनती रही हैं। ऐसे में झारखंड कांग्रेस की इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है कि पार्टी से जुड़े नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी पर संगठन गंभीरता से नजर रख रहा है।
फिलहाल दोनों नेताओं के निलंबन के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।









