गाड़ी के अंदर बना था ऐसा गुप्त चैंबर कि पुलिस भी रह गई हैरान! 16 करोड़ की याबा टैबलेट के साथ एक गिरफ्तार
कछार पुलिस ने वाहन की तलाशी के दौरान छिपाकर रखी गई 80 हजार याबा टैबलेट बरामद कीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों की यह खेप कहां से आई और किस ठिकाने तक पहुंचाई जानी थी।

गुवाहाटी, 31 अगस्त। असम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कछार पुलिस ने एक वाहन के अंदर बने गुप्त चैंबर से भारी मात्रा में याबा टैबलेट बरामद की हैं। बरामद नशीली गोलियों की संख्या करीब 80,000 बताई गई है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने समय रहते नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को पकड़ लिया और मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सड़क पर पहुंचने से पहले ही पकड़ी गई करोड़ों की खेप
पुलिस की कार्रवाई उस समय सामने आई जब वाहन की जांच के दौरान उसके अंदर बने एक गुप्त चैंबर का पता चला। तलाशी लेने पर उसमें बड़ी संख्या में याबा टैबलेट छिपाकर रखी गई थीं।
मुख्यमंत्री ने असम पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की यह बड़ी खेप बाजार और सड़कों तक पहुंचने से पहले ही रोक दी गई। उन्होंने इसे राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया।
कहां से आई 16 करोड़ की याबा?
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल इस खेप के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य को लेकर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि 80 हजार याबा टैबलेट कहां से लाई गई थीं और इन्हें किस जगह पहुंचाया जाना था।
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद करोड़ों रुपये की इस ड्रग्स खेप के पीछे सक्रिय नेटवर्क को लेकर और खुलासे होने की उम्मीद है।









