26 तारीख का खौफ! जब-जब आई ये तारीख…दुनिया में मची तबाही…बाढ़ और मौत ने बार-बार मचाई तबाही…26 को हुईं दुनिया की ये खौफनाक घटनाएं…इन खौफनाक घटनाओं की लिस्ट देखकर डर जाएंगे!

नई दिल्ली। क्या 26 तारीख का दुनिया की बड़ी त्रासदियों से कोई अजीब संयोग है? यह सवाल एक बार फिर चर्चा में है। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में मृतकों का आंकड़ा 900 के पार पहुंच चुका है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच इतिहास के पन्ने पलटने पर पता चलता है कि 26 तारीख को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कई भीषण प्राकृतिक और मानवजनित त्रासदियां हुई हैं।
हालांकि, 26 तारीख को आपदाओं का आना किसी वैज्ञानिक या ज्योतिषीय ‘कालयोग’ का प्रमाण नहीं है। यह अलग-अलग वर्षों में हुई घटनाओं का एक संयोग है। फिर भी इन घटनाओं की सूची बेहद भयावह जरूर नजर आती है।
26 अगस्त 2026: नेपाल में विनाशकारी बाढ़
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ में सड़कें, पुल और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए।
1 सितंबर तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में 900 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 4,500 लोगों के लापता होने की खबर है। राहत और बचाव अभियान अब भी जारी है।
26 अक्टूबर 2015: हिंदू कुश भूकंप
26 अक्टूबर 2015 को हिंदू कुश क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका असर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों में भी महसूस हुआ। इस आपदा में करीब 400 लोगों की जान गई थी।
26 मई 2006: योग्याकार्ता भूकंप
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर 26 मई 2006 को 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। योग्याकार्ता के आसपास भारी तबाही हुई और हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। इस हादसे में 5,700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
26 जुलाई 2005: मुंबई की वो काली बारिश
26 जुलाई 2005 को महाराष्ट्र में हुई रिकॉर्ड बारिश ने मुंबई को जलमग्न कर दिया था। महज 24 घंटे में मुंबई में करीब 944 मिमी बारिश दर्ज की गई। सड़कें, रेलवे ट्रैक और घर पानी में डूब गए। महाराष्ट्र में इस आपदा से करीब 1,094 लोगों की मौत हुई थी।
26 दिसंबर 2004: हिंद महासागर की सुनामी
दुनिया की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में शामिल 2004 की सुनामी भी 26 दिसंबर को ही आई थी। सुमात्रा के पास 9.1 तीव्रता के भूकंप के बाद उठी विशाल सुनामी ने इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाईलैंड समेत कई देशों को तबाह कर दिया।
इस आपदा में करीब 2.28 लाख लोग मारे गए या लापता हुए। इसे इतिहास की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है।
26 दिसंबर 2003: ईरान का बाम भूकंप
ईरान के बाम शहर में 26 दिसंबर 2003 को 6.6 तीव्रता का भूकंप आया। ऐतिहासिक शहर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और हजारों इमारतें जमींदोज हो गईं। करीब 31 हजार लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।
26 जनवरी 2001: गुजरात भूकंप
भारत के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में से एक गुजरात भूकंप भी 26 तारीख को आया था। 26 जनवरी 2001 को आए इस शक्तिशाली भूकंप ने खासकर कच्छ क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। करीब 20 हजार लोगों की जान गई, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए।
26 जुलाई 1963: स्कोप्जे भूकंप
उस समय यूगोस्लाविया का हिस्सा रहे स्कोप्जे में 26 जुलाई 1963 को 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। शहर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और करीब 1,070 लोगों की मौत हुई। दो लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे।
26 दिसंबर 1939: तुर्की का एर्ज़िनकन भूकंप
26 दिसंबर 1939 को तुर्की के एर्ज़िनकन क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इस त्रासदी में करीब 32,700 लोगों की मौत हुई थी।
सिर्फ प्राकृतिक आपदाएं ही नहीं, कई बड़े हादसे भी
26 तारीख से जुड़ी त्रासदियों की सूची सिर्फ भूकंप और बाढ़ तक सीमित नहीं है। कई बड़े हादसे और हमले भी इसी तारीख को हुए हैं।
26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी। कई प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया था और सुरक्षा बलों का ऑपरेशन करीब तीन दिनों तक चला।
26 अप्रैल 1986 को तत्कालीन सोवियत संघ के यूक्रेन स्थित चेरनोबिल परमाणु संयंत्र में रिएक्टर नंबर-4 में विस्फोट हुआ। इस दुर्घटना से बड़े पैमाने पर रेडियोधर्मी पदार्थ वातावरण में फैल गया और यह दुनिया की सबसे गंभीर परमाणु दुर्घटनाओं में शामिल हो गई।
26 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट के पास आत्मघाती हमला हुआ। अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के अभियान के दौरान हुए इस हमले में 180 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
26 मई 1991 को बैंकॉक से वियना जा रहा लाउडा एयर का विमान थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार 223 लोगों की मौत हो गई थी।
26 अप्रैल 1942 को चीन की बेनक्सीहू कोयला खदान में गैस और कोयले की धूल के विस्फोट के बाद जहरीली गैस फैल गई। इस हादसे में 1,549 खनिकों की मौत हुई थी।
तो क्या वाकई 26 तारीख मनहूस है?
इतिहास में 26 तारीख को हुई इन घटनाओं को देखकर संयोग जरूर चौंकाने वाला लगता है, लेकिन किसी खास तारीख के मनहूस होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। दुनिया में हर महीने और हर तारीख को प्राकृतिक आपदाएं, दुर्घटनाएं और अन्य त्रासदियां होती रही हैं।
इसलिए 26 तारीख और इन घटनाओं के बीच संबंध को संयोग के तौर पर ही देखना उचित है, न कि किसी रहस्यमय या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पैटर्न के रूप में।









