8 फ्लैट, लग्जरी कारें और सोना देखकर ACB भी हैरान…सरकारी डॉक्टर के घर से खुला करोड़ों का राज…
हैदराबाद में आय से अधिक संपत्ति के मामले में ACB की छापेमारी जारी, नए ठिकानों से करोड़ों की संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज बरामद

हैदराबाद में सरकारी अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उनकी कथित संपत्ति का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रोफेसर डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ जांच तेज कर दी है। हालिया छापेमारी में ACB को कई संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिसके बाद मामले की जांच और गंभीर हो गई है।
अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद ACB की टीमों ने हैदराबाद और आसपास के इलाकों में पांच ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान NIMS में काम करने वाले एक नाई के घर से 4.94 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस व्यक्ति और डॉक्टर के बीच किसी तरह का वित्तीय संबंध है या नहीं।
महेश्वरम से बंजारा हिल्स तक संपत्तियों का कनेक्शन
तलाशी के दौरान ACB को महेश्वरम में तीन कृषि जमीनों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 57 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा हैदराबाद के बेहद पॉश इलाके बंजारा हिल्स की MLA कॉलोनी में एक खुला प्लॉट भी सामने आया है। इस प्लॉट की बुक वैल्यू करीब 2.7 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि इसकी बाजार कीमत इससे काफी अधिक होने की संभावना जताई गई है।
जांच में यह प्लॉट आउटसोर्सिंग कर्मचारी डी. गणेश और कुछ अन्य सहयोगियों से जुड़ा बताया जा रहा है। ACB अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपत्तियों का वास्तविक मालिक कौन है और इनका डॉक्टर से क्या संबंध है।
तलाशी में करीब 20 लाख रुपये के दो निवेश पोर्टफोलियो और 3 लाख रुपये के हैंड-लोन से संबंधित रसीदें भी मिली हैं। ACB अधिकारियों के अनुसार, नई संपत्तियों को जांच में शामिल करने के बाद डॉक्टर से जुड़ी कुल संपत्ति का बाजार मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का अनुमान है।
पहले की छापेमारी में भी सामने आई थी संपत्ति की लंबी सूची
इससे पहले 22 सितंबर को ACB ने एर्रागड्डा स्थित डॉक्टर के आवास के साथ उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में भी कई संपत्तियों, निवेश और महंगी वस्तुओं का पता चला था।
जांच के दौरान 8 रिहायशी फ्लैट और यादाद्री, नंदीगामा, शमीरपेट तथा विशाखापत्तनम में चार खुले प्लॉट से जुड़े दस्तावेज सामने आए थे। इसके अलावा बैंक खातों में करीब 41 लाख रुपये, पोस्ट ऑफिस में 12 लाख रुपये, निजी वित्तीय संस्थानों में 35 लाख रुपये और म्यूचुअल फंड में 29.55 लाख रुपये के निवेश की जानकारी मिली थी।
तलाशी में करीब 517.8 ग्राम सोना भी बरामद हुआ था। इसके साथ ही तीन लग्जरी कारें, जिनमें जैगुआर, ऑडी और टाटा नेक्सन शामिल हैं, चार दोपहिया वाहन और करीब 5 लाख रुपये कीमत के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी सामने आए थे।
अब बेनामी संपत्तियों की पड़ताल में जुटी ACB
डॉ. लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ यह मामला 21 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत दर्ज किया गया था। अब ACB बरामद दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि सामने आई संपत्तियां वास्तव में किसकी हैं, किन लोगों के नाम पर दर्ज हैं और क्या इनमें से कुछ संपत्तियां कथित तौर पर बेनामी तरीके से रखी गई थीं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, डॉक्टर से जुड़ी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।









