अंतिम जोहार बाबा… Shibu Soren की अस्थियां रजरप्पा के भैरवी-दामोदर संगम में प्रवाहित, मुख्यमंत्री बोले, प्रकृति का प्यारा लाल, प्रकृति में समा गया…
Last Johar Baba... Shibu Soren's ashes immersed in Bhairavi-Damodar Sangam of Rajrappa, Chief Minister said, nature's beloved son has merged into nature...

Shibu Soren : दिशोम गुरू शिबू सोरेन का श्राद्धकर्म पूरा हो गया है। कल यानि 16 अगस्त को दशकर्म के भोज के साथ पूरे विधिविधान से दशकर्म को पूर्ण करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के अस्थिकलश को आज राजरप्पा स्थित दामोदर नदी में प्रवाहित किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता के निधन के बाद ना सिर्फ पुत्रधर्म का बखूबी पालन किया, बल्कि राजधर्म भी निभाया।
नेमरा में संस्कार भोज के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सामाजिक रीति-रिवाज व परंपरा के तहत अपने दिवंगत पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थियां प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा मां छिन्नमस्तिके मंदिर तट पर अवस्थित भैरवी-दामोदर नदी पर विसर्जित किया। गमगीन माहौल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थि-कलश को लेकर पैतृक गांव नेमरा से रजरप्पा स्थित दामोदर-भैरवी संगम घाट पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने यहां पूरे पारंपरिक विधि-विधान से गुरुजी की अस्थियों को भैरवी-दामोदर संगम में विसर्जित किया। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनके छोटे भाई व दुमका के विधायक बसंत सोरेन, पत्नी कल्पना सोरेन सहित पारिवार के अन्य सदस्य तथा नेमरा ग्रामवासी मौजूद रहे।

पिता के अस्थिकलश विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री ने भावुक पोस्ट लिखा है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा है कि अंतिम जोहार बाबा… स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरुजी की पवित्र अस्थियों को ऐतिहासिक रजरप्पा स्थित दामोदर नदी में विसर्जित किया। प्रकृति का प्यारा लाल, प्रकृति में समा गया। प्रकृति का अंश बनकर वह समस्त झारखण्डवासियों और झारखण्डियत की रक्षा करते रहेंगे, हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। वीर दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन अमर रहें! वीर दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जिंदाबाद! जय झारखण्ड!









