झारखंड सदन में हंगामा: विपक्ष ने विधानसभा में मचाया बवाल, स्टाइपेंड व धान को लेकर सदन के अंदर बाहर जोरदार हंगामा
Ruckus in Jharkhand House: Opposition created ruckus in the Assembly, loud uproar inside and outside the House regarding stipend and paddy

Jharkhand Vidhansabha News : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आज जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने आज अलग-अलग मुद्दों पर जोरदार नारेबाजी की। सदन के अंदर हंगामा के बाद बाहर भी विधायकों ने नारेबाजी की। विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों—भाजपा, आजसू और लोजपा (रामविलास)—ने छात्रवृत्ति भुगतान में देरी और धान समर्थन मूल्य 3,200 रुपये करने सहित कई मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
हेमंत सरकार, हाय-हाय!
आज झारखंड विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों द्वारा हेमंत सरकार की निकम्मी कार्यशैली, युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। pic.twitter.com/jTKvtWXBxn
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) December 8, 2025
भाजपा, आजसू और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष की प्रमुख मांगों में छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान और किसानों के धान खरीद समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 3,200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग शामिल थी।
बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में विपक्षी विधायकों ने सरकार पर छात्रों और किसानों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया। मरांडी ने कहा कि राज्य के हजारों छात्रों को कई महीनों से छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वहीं,भाजपा विधायक नीरा यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों से धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,200 रुपये करने का वादा किया था, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।
नीरा यादव ने आगे कहा कि छात्रवृत्ति भुगतान न मिलने से एससी–एसटी वर्ग के हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं। अनेक छात्रों की पढ़ाई बाधित होने की स्थिति बन गई है, लेकिन सरकार इनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि यह सरकार “वादा करने में आगे, लागू करने में पीछे” साबित हो रही है।
लोजपा (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर विफल है। उन्होंने कहा कि किसान और छात्र दोनों परेशान हैं और विपक्ष सदन के भीतर और बाहर सरकार से इसका जवाब मांगता रहेगा। आजसू विधायकों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को जगाने का कदम बताया।
आपको बता दें कि आज शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन था और विपक्ष के तेवरों से स्पष्ट है कि आगामी दिनों में सदन में सरकार पर कई मुद्दों को लेकर दबाव बढ़ने वाला है। इसी बीच सरकार की ओर से चालू वित्तीय वर्ष का द्वितीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया गया, जिसे लेकर सदन में बहस की संभावना है।









