बांका: समय से पहले स्कूल छुट्टी करने पर शिक्षा विभाग सख्त, प्रभारी प्रधानाध्यापिका व शिक्षकों से मांगा स्पष्टीकरण; 1 दिन का वेतन रोका

बांका (बिहार): बिहार के बांका जिले में विद्यालय संचालन में बरती जा रही लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। धौरेया प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, अहिरो (हिन्दी) में निर्धारित समय से पहले छात्रों को छुट्टी दिए जाने का मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) बांका ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका समेत संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभागीय पत्र (पत्रांक 1040) के माध्यम से प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती सफेदा खातून एवं अन्य संबंधित शिक्षकों से 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही, 13 अगस्त 2026 का एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
ग्रामीणों की शिकायत पर हुआ औचक वीडियो कॉल
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने दूरभाष (फोन) पर जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिकायत की थी कि विद्यालय में प्रतिदिन बच्चों को समय से पहले यानी दोपहर 3:00 बजे ही छुट्टी दे दी जाती है।
शिकायत की सत्यता जांचने के लिए 13 अगस्त 2026 को अपराह्न 3:35 बजे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा विद्यालय के मोबाइल नंबर पर वीडियो कॉल किया गया। वीडियो कॉल के दौरान स्कूल में एक भी बच्चा मौजूद नहीं पाया गया, जिससे ग्रामीणों द्वारा लगाई गई शिकायत प्रथम दृष्टया सही साबित हुई। पूछताछ करने पर बताया गया कि बच्चों को कुछ समय पहले ही छुट्टी दे दी गई है।
शिक्षिका उपस्थिति दर्ज कर पाई गईं गायब
जांच के दौरान विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा की गई:
उपस्थित शिक्षक: वीडियो कॉल के दौरान श्रीमती आरती कुमारी, बीबी दिलकश, मो० बेलाल अहमद, श्रीमती नमीता कुमारी, श्रीमती रूबी कुमारी, श्रीमती सरिता देवी एवं श्रीमती स्मृति कुमारी विद्यालय में मौजूद पाई गईं।
प्रशिक्षण पर: श्रीमती मधु मोहिनी विभागीय प्रशिक्षण में थीं।
लापरवाही: श्रीमती गुंजन कुमारी ने विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज की थी, लेकिन वे विद्यालय से गायब पाई गईं।
7 दिनों में देना होगा संतोषजनक जवाब
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि इस प्रकार का कृत्य विभागीय निर्देशों की अवहेलना है,
पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है, और
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्ति के सिद्धांतों के प्रतिकूल है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय नियमावली की सुसंगत धाराओं के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।





