इंजीनियर की गजब गर्लफ्रेंड: लिव इन वाली गर्लफ्रेंड और दोनों बेटियों ने हाथ-पांव पकड़ा, फिर इंजीनियर के साथ किया हैरान करने वाला काम

Crime News : लिव इन में रहने वाली गर्लफ्रेंड पर ऐसी  सनक सवार हुई, कि इंजीनियर की जान ले ली। इस दौरान गर्लफ्रेंड की दोनों बेटियों ने हाथ-पांव पकड़ा और जुर्म की साक्षी बनी रही। पूरी घटना लखनऊ की है, जहां लिव-इन रिलेशन में रह रहे इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। लखनऊ में लिव-इन में रह रहे 32 वर्षीय इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

 

इंजीनियर की गर्लफ्रेंड रत्ना और उसकी दो नाबालिग बेटियों ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। तीनों ने मिलकर इंजीनियर का गला रेतकर हत्या की थी। हत्या की वजह बेटी से मारपीट और बैड टच का आरोप बताया गया है। पुलिस की 20 घंटे चली अलग-अलग पूछताछ में इंजीनियर की लिव-इन पार्टनर रत्ना और उसकी दोनों नाबालिग बेटियों ने हत्या का जुर्म स्वीकार लिया। आरोप लगा है कि सूर्य प्रताप बेटियों से मारपीट करता था और बड़ी बेटी को गलत तरीके से छूता था। 7 दिसंबर की रात उसने बड़ी बेटी की जमकर पिटाई की, जिसके बाद रत्ना ने उसे रास्ते से हटाने का निर्णय लिया।

 

पूरी रात में बना  प्लान

गर्लफ्रेंड रत्ना ने बताया कि 6 दिसंबर को सूर्य प्रताप अपने जानकीपुरम घर गया था। इस दौरान वह अपनी बेटियों के साथ अपने भाई के घर गुडंबा गई। अगले दिन जब सूर्य लौटकर आया, उसने बड़ी बेटी का फोन चेक किया और उसमें एक युवक के साथ फोटो देखकर गुस्सा हो गया। उसने उसे ‘बॉयफ्रेंड’ बताते हुए रात 11 बजे तक पीटा और कमरे में घसीट कर ले गया। यहां उसने बेटी के साथ गलत हरकत की, जिसके बाद रत्ना ने छोटी बेटी की मदद से उसे छुड़ाया।

 

घटना के बाद बड़ी बेटी देर तक रोती रही और रत्ना गुस्से में भर उठी। रातभर तीनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। सुबह 8 दिसंबर को करीब 5 बजे, रत्ना किचन से चाकू लेकर आई और दोनों बेटियां उसके साथ सूर्य के कमरे में गईं।दोनों बेटियों ने पकड़ा, रत्ना ने गला रेत दिया। तीनों ने पुलिस को बताया कि सूर्य बेड पर सो रहा था।

पुलिस कस्टडी में भी पछतावा नहीं

9 दिसंबर को रत्ना को जेल भेज दिया गया, जबकि दोनों बेटियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस के अनुसार रत्ना के चेहरे पर हत्या को लेकर कोई पछतावा या डर नहीं था, जबकि बेटियां डरी-सहमी नजर आईं।

 

पीड़ित परिवार का दर्द: 24 घंटे बाद हुआ पोस्टमॉर्टम

सूर्य प्रताप का पोस्टमॉर्टम कानूनी प्रक्रिया के बाद 9 दिसंबर को हुआ। रिपोर्ट में गले पर चाकू के तीन गहरे घाव और शरीर पर कई चोटें पाई गईं। पिता नरेंद्र सिंह ने बिलखते हुए बेटे को मुखाग्नि दी और कहा—”बेटे की शादी की बात कर रहा था, आज उसकी चिता जला रहा हूं। मकान हड़पने के लिए उसे मार डाला गया।”

ashrita

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