भर्ती रिजल्ट पर क्यों मचा है बवाल? ‘न्यूज़’, ‘स्पेस रानी’ और ‘हे राम’ नाम के अभ्यर्थियों ने खुद सामने आकर बताई सच्चाई
Why is there an uproar over the recruitment results? Candidates named 'News', 'Space Rani', and 'Hey Ram' have come forward to reveal the truth.

देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवादों के बीच अब छत्तीसगढ़ से भी एक अनोखा मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सूबेदार, उप-निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रीलिम्स रिजल्ट में चयनित अभ्यर्थियों के कुछ अजीबोगरीब नाम देखने के बाद प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है।
चयनित सूची में ‘NEWS’, ‘SPACE RANI’, ‘MANBAS’, ‘HE RAM’, ‘BHAKT PRAHLAD’ और ‘TU FAIL’ (तौफीक/तौफील) जैसे नाम दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
क्या है पूरा विवाद
CGPSC ने गृह विभाग के तहत सूबेदार, SI और प्लाटून कमांडर के 341 पदों पर भर्ती के लिए 12 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। राज्य के सभी 33 जिलों के 183 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा का परिणाम 4 अगस्त 2026 को जारी किया गया, जिसमें 7,301 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
रिजल्ट जारी होते ही सोशल मीडिया पर चयन सूची के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे। सूची में इंसान के सामान्य नामों के बजाय ‘न्यूज़’, ‘स्पेस रानी’, ‘मानबास’, ‘हे राम’ और ‘तू फेल’ जैसे नाम देखकर लोगों ने चुटकी लेना शुरू कर दिया और धांधली के आरोप लगाए।
विपक्ष हमलावर: पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कसा तंज
मामला सामने आते ही प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और आयोग को घेरा।
भूपेश बघेल का तंज: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर चयनित सूची का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि जनसंपर्क विभाग को इस ‘उपलब्धि’ का चौराहों पर प्रचार करना चाहिए, ताकि आने वाले समय में ‘रेडियो’ और ‘स्पेस राजा’ जैसे अभ्यर्थी भी परीक्षाओं में सफल हो सकें।
पारदर्शिता पर सवाल: कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और चयन सूची में ऐसे नाम आयोग की लापरवाही और परीक्षा प्रणाली की संदिग्धता को दर्शाते हैं।
CGPSC की सफाई: “डाटा अभ्यर्थियों ने खुद भरा था”
विवाद बढ़ता देख CGPSC ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरों को भ्रामक और गलत बताया।
- ऑटोमैटिक सिस्टम: आयोग ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा जो नाम, जन्मतिथि और व्यक्तिगत विवरण दर्ज किए जाते हैं, रिजल्ट में वही डेटा सीधे प्रदर्शित होता है।
- कोई मैनुअल बदलाव नहीं: आयोग की ओर से नामों में कोई मैन्युअल बदलाव नहीं किया जाता। अभ्यर्थियों ने शारीरिक माप परीक्षण (Physical Test), दस्तावेज सत्यापन और प्रीलिम्स परीक्षा इन्हीं नामों और एडमिट कार्ड पर दी थी।
खुद अभ्यर्थियों ने वीडियो जारी कर दिखाई 10वीं की मार्कशीट और आधार
विवाद बढ़ता देख ‘न्यूज़’ (NEWS) और ‘स्पेस रानी’ (SPACE RANI) नाम के अभ्यर्थियों ने खुद मीडिया के सामने आकर वीडियो और अपने दस्तावेज (10वीं-12वीं की अंकसूची व आधार कार्ड) पेश किए:
न्यूज़ कुमार प्रधान (कैंडिडेट): इन्होंने बताया कि जन्म के समय पंडित/ज्योतिषी द्वारा ‘न’ (N) अक्षर से नाम निकालने की सलाह दी गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उनका नाम ‘News’ रख दिया। उनके सभी आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों में उनका नाम यही दर्ज है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से वे लाइब्रेरी में मेहनत कर रहे थे और उनका चयन उनकी मेहनत का फल है, न कि कोई फर्जीवाड़ा।
ग्रामीण संस्कृति का असर: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में बच्चों के नाम दिन (सोमारू, मंगली), परिस्थितियों या किसी घटना के नाम पर रखने की पुरानी परंपरा रही है।
CGPSC और अभ्यर्थियों के इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नाम पूरी तरह से वास्तविक उम्मीदवारों के ही हैं।




