India Biggest Landowners: अंबानी-अदाणी नहीं, इनके पास है भारत की सबसे ज्यादा जमीन! टॉप-10 की लिस्ट में आर्मी से लेकर चर्च तक शामिल

Biggest Landowners in India: जब देश के सबसे अमीर लोगों की बात होती है तो मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी और बड़े कारोबारी समूहों का नाम सामने आता है। लेकिन अगर सवाल हो कि भारत में सबसे ज्यादा जमीन किसके पास है? तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। यहां सबसे बड़े जमींदार कोई एक कारोबारी या अरबपति नहीं, बल्कि सरकार, रक्षा संस्थान, रेलवे और कई धार्मिक व कॉरपोरेट संस्थाएं हैं।

नई दिल्ली। भारत में जमीन की कीमत और उसका मालिकाना हक हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। खासकर मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा भी करोड़ों रुपये का हो सकता है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि देश में किन संस्थाओं और कंपनियों के पास सबसे बड़ा लैंड बैंक है।

हालांकि, अलग-अलग संस्थाओं की जमीन की गणना का तरीका और उपलब्ध आंकड़े अलग हो सकते हैं। इसलिए नीचे दिए गए आंकड़ों को अनुमानित/रिपोर्टेड आंकड़ों के तौर पर देखना चाहिए।

1. भारत सरकार

देश में सबसे बड़े भूमि मालिकों में सबसे ऊपर भारत सरकार का नाम आता है। केंद्र के अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संस्थानों के पास देशभर में विशाल सरकारी भूमि मौजूद है।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार के पास करीब 15,531 वर्ग किलोमीटर जमीन दर्ज है। हालांकि यह आंकड़ा सरकारी भूमि की सभी श्रेणियों को एक ही तरीके से दर्शाता है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित आधिकारिक भूमि रिकॉर्ड से करना जरूरी है।

2. रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल

भारत में बड़े भूमि परिसंपत्ति धारकों में रक्षा मंत्रालय सबसे महत्वपूर्ण है। सेना, वायुसेना और नौसेना के पास छावनियों, प्रशिक्षण क्षेत्रों, सैन्य प्रतिष्ठानों और फायरिंग रेंज जैसी जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में जमीन है।

रिपोर्टेड आंकड़ों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के अधीन 18 लाख एकड़ से अधिक जमीन बताई जाती है।

3. भारतीय रेलवे

इसके बाद नाम आता है भारतीय रेलवे का। देशभर में रेलवे ट्रैक, स्टेशन, यार्ड, वर्कशॉप, कॉलोनियों और दूसरी रेलवे परियोजनाओं के लिए रेलवे के पास विशाल भूमि संपत्ति है।

रिपोर्टेड आंकड़ों के अनुसार रेलवे के पास करीब 11.80 लाख एकड़ जमीन है।

रेलवे की जमीन का एक बड़ा हिस्सा उसके मौजूदा और भविष्य के परिचालन व विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होता है।

4. वक्फ संपत्तियां

धार्मिक संस्थाओं की बात करें तो वक्फ संपत्तियां देश की सबसे बड़ी संस्थागत भूमि संपत्तियों में शामिल हैं। मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान और अन्य धार्मिक-सामुदायिक संपत्तियां इसके अंतर्गत आती हैं।

हालांकि यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए—वक्फ बोर्ड की भूमिका और वक्फ संपत्ति का वास्तविक स्वामित्व एक ही चीज नहीं है। इसलिए इसे सीधे किसी एक बोर्ड की निजी जमीन कहना सही नहीं होगा।

5. कैथोलिक चर्च से जुड़ी संपत्तियां

देशभर में चर्च, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और दूसरी संस्थाओं के माध्यम से कैथोलिक चर्च से जुड़े संगठनों के पास भी बड़ी मात्रा में भूमि और संपत्तियां हैं।

हालांकि चर्च से जुड़ी जमीन अलग-अलग ट्रस्ट, सोसायटी और संस्थाओं के नाम पर हो सकती है, इसलिए पूरे देश के लिए एक सटीक एकल आंकड़ा बताना आसान नहीं है।

6. Godrej Group

कॉरपोरेट सेक्टर की बात करें तो Godrej Group की मुंबई के विक्रोली इलाके में मौजूद जमीन लंबे समय से चर्चा में रही है।

रिपोर्टों में विक्रोली में करीब 3,400 एकड़ जमीन का उल्लेख मिलता है। मुंबई जैसे महंगे शहर में इतनी बड़ी जमीन का बाजार मूल्य बेहद ज्यादा हो सकता है।

यही वजह है कि गोदरेज की जमीन को भारत की सबसे मूल्यवान कॉरपोरेट भूमि संपत्तियों में गिना जाता है।

7. Sahara India Pariwar

Sahara India Pariwar का नाम भी बड़े निजी लैंड बैंक के साथ जोड़ा जाता रहा है। कंपनी ने अलग-अलग समय पर देशभर में अपने प्रोजेक्ट्स और टाउनशिप से जुड़ी बड़ी भूमि संपत्तियों का दावा किया था।

हालांकि सहारा से जुड़ी संपत्तियों और दावों को लेकर लंबे समय से कानूनी और वित्तीय विवाद भी रहे हैं। इसलिए 33,000 एकड़ से ज्यादा के आंकड़े को कंपनी के दावे/रिपोर्टेड आंकड़े के तौर पर देखना चाहिए, न कि वर्तमान में निर्विवाद स्वामित्व का प्रमाण।

8. DLF

रियल एस्टेट सेक्टर की बड़ी कंपनी DLF भी बड़े लैंड बैंक वाली कंपनियों में शामिल रही है।

खासकर दिल्ली-NCR और गुरुग्राम में कंपनी की बड़ी रियल एस्टेट परियोजनाओं के कारण उसका नाम देश के बड़े निजी भूमि धारकों में लिया जाता है। हालांकि कंपनी का लैंड बैंक समय के साथ परियोजनाओं, बिक्री और विकास के कारण बदलता रहता है।

9. Tata Group

Tata Group के पास भी देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी जमीन और लीजहोल्ड संपत्तियां हैं। मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, औद्योगिक क्षेत्र, चाय बागान और जमशेदपुर से जुड़ी जमीन इसकी प्रमुख संपत्तियों में शामिल हैं।

टाटा समूह की कई जमीनें अलग-अलग कंपनियों और संस्थाओं के नाम पर हैं, इसलिए पूरे समूह के लिए एक ही सटीक भूमि आंकड़ा देना आसान नहीं है।

10. मुंबई पोर्ट अथॉरिटी

मुंबई जैसे शहर में जमीन की कीमतों को देखते हुए Mumbai Port Authority की भूमि भी बेहद महत्वपूर्ण है।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इसके पास करीब 2,330 एकड़ जमीन है, जिसमें दक्षिण मुंबई के बेहद महत्वपूर्ण इलाकों की जमीन भी शामिल है। इसकी लोकेशन के कारण इस भूमि की आर्थिक और रियल एस्टेट वैल्यू काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

असली कहानी सिर्फ ‘कितनी जमीन’ की नहीं

भारत में सबसे बड़े भूमि मालिकों की लिस्ट देखकर एक बात साफ होती है कि देश की सबसे ज्यादा जमीन किसी एक अरबपति के पास नहीं है। सरकारी संस्थाओं, रक्षा प्रतिष्ठानों, रेलवे और धार्मिक-सामुदायिक संस्थाओं के पास विशाल भूमि संपत्तियां हैं।

वहीं प्राइवेट सेक्टर में Godrej, Sahara, DLF और Tata जैसे बड़े कारोबारी समूहों के पास अलग-अलग जगहों पर महत्वपूर्ण भूमि संपत्तियां हैं।

लेकिन ध्यान रहे: इन संस्थाओं की जमीन को सीधे-सीधे एक समान तरीके से तुलना करना सही नहीं है। कहीं जमीन सरकारी स्वामित्व में है, कहीं लीज पर, कहीं ट्रस्ट के नाम पर और कहीं कंपनियों के अलग-अलग कानूनी संस्थानों के नाम पर। इसलिए वायरल होने वाले “टॉप-10 सबसे बड़े जमींदार” आंकड़ों को अंतिम आधिकारिक रैंकिंग मानने से पहले संबंधित संस्थाओं के भूमि रिकॉर्ड जरूर देखे जाने चाहिए।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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