Milk Price Hike: 1 सितंबर से दूध पर बड़ा झटका! ₹9 तक बढ़ेंगे दाम, त्योहारों से पहले बिगड़ेगा किचन का बजट… जानें कहां लागू होंगे नए रेट

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की जेब पर महंगाई का एक और असर पड़ने वाला है। 1 सितंबर 2026 से महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में ₹9 तक की बढ़ोतरी की खबर है। दूध के दाम बढ़ने का सीधा असर घर के रोजमर्रा के बजट के साथ-साथ दही, पनीर, घी और मक्खन जैसे डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, यह बढ़ोतरी पूरे देश में लागू नहीं होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में दूध के रेट बढ़ाए जाने हैं।
आखिर अचानक क्यों बढ़े दूध के दाम?
दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी पूरी तरह अचानक नहीं है। इससे पहले 11 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र में दूध उत्पादकों और प्रोसेसर्स की वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से गाय और भैंस के दूध की कीमतों में ₹2 की बढ़ोतरी की गई थी।
अब 1 सितंबर से एक बार फिर कीमतों में ₹9 तक का इजाफा किए जाने की जानकारी सामने आई है। यानी कुछ ही समय के अंतर में दूध की कीमतों पर दोहरी मार पड़ने वाली है।
इस साल पहले भी बढ़ चुके हैं दूध के रेट
2026 में दूध की कीमतों में कई जगह बढ़ोतरी देखने को मिली है।
मई 2026: अमूल और मदर डेयरी ने 14 मई को दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद राजस्थान की सरस, मध्य प्रदेश की सांची और महाराष्ट्र की गोकुल जैसी क्षेत्रीय डेयरियों ने भी अपने रेट में बदलाव किया।
जून 2026: महीने की शुरुआत में केरल की मिल्मा ने दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की।
अगस्त-सितंबर 2026: महाराष्ट्र में अगस्त में बढ़ोतरी के बाद अब 1 सितंबर से ₹9 तक की और बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है।
क्या आगे भी महंगा होगा दूध?
दूध खरीदने वाले लोगों के लिए चिंता सिर्फ 1 सितंबर की बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है। रेटिंग एजेंसी CRISIL के अनुमान के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में दूध की कीमतों में 4 से 5 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, यह जरूरी नहीं कि कंपनियां एक साथ पूरी बढ़ोतरी करें। कीमतों में धीरे-धीरे इजाफा किया जा सकता है।
इसका असर दूध से बने दूसरे उत्पादों पर भी पड़ने की आशंका है। घी, पनीर, दही और मक्खन जैसे डेयरी उत्पादों की कीमतों में 5 से 6 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई गई है।
आखिर दूध महंगा होने के पीछे क्या है वजह?
दूध की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पशुओं के चारे की बढ़ती लागत और डेयरी से जुड़े दूसरे खर्चों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण है।
इसके अलावा भीषण गर्मी और कमजोर मानसून जैसी परिस्थितियों का असर पशुओं की दूध देने की क्षमता पर पड़ सकता है। इससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ती है और इसका असर कीमतों पर दिखाई देता है।
दूसरी तरफ देश में दूध की मांग लगातार बढ़ रही है। त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की खपत और ज्यादा बढ़ जाती है। मांग और लागत दोनों बढ़ने की वजह से डेयरी कंपनियों और दूध उत्पादकों पर कीमत बढ़ाने का दबाव बनता है।
किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
दूध की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा। चाय-कॉफी, मिठाई, दही, पनीर, घी, मक्खन और दूसरी डेयरी चीजों की लागत भी बढ़ सकती है।
खासकर त्योहारों के मौसम में जब दूध और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ती है, तब कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू बजट पर ज्यादा महसूस हो सकता है।
फिलहाल ₹9 तक की यह बढ़ोतरी महाराष्ट्र में लागू होने की जानकारी है। दूसरे राज्यों में दूध के दाम बढ़ेंगे या नहीं, यह संबंधित डेयरियों और राज्य स्तर के फैसलों पर निर्भर करेगा।









