नीचे प्रेमी देता रहा पहरा, ऊपर मौसा का हो गया कत्ल! 80 लाख के सोने के लालच में रची खौफनाक साजिश, ऐसे खुला राज
Rohini Murder Case: रिश्तेदारों को मेला दिखाने के बहाने घर से बाहर भेजा, फिर घर का लॉक खुलवाकर अंदर घुसे आरोपी; हत्या के बाद भी नहीं मिला 80 लाख का सोना

नई दिल्ली। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-3 में 60 वर्षीय राकेश खन्ना की हत्या के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। शुरुआत में मामला लूटपाट का लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो वारदात के पीछे किसी बाहरी गैंग के बजाय मृतक की रिश्तेदार सिमरन और उसके साथियों की कथित साजिश सामने आई।
पुलिस ने इस मामले में सिमरन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब 80 लाख रुपये के सोने को लूटने की योजना बनाई थी। हालांकि, हत्या के बाद घर की तलाशी लेने पर आरोपियों के हाथ महज करीब 1.5 लाख रुपये की ज्वेलरी लगी।
PCR कॉल से शुरू हुई जांच
यह सनसनीखेज वारदात 1 सितंबर की रात करीब 8:14 बजे सामने आई। रोहिणी सेक्टर-3 स्थित मकान नंबर G-30/67-68 से PCR कॉल कर घर में चोरी और एक व्यक्ति के बेहोश पड़े होने की सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने राकेश खन्ना को गंभीर हालत में पाया। परिवार के लोग उन्हें जयपुर गोल्डन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस, क्राइम टीम और FSL की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घर में सामान बिखरा हुआ था, जिससे शुरुआती तौर पर पुलिस को लूटपाट की आशंका हुई।
80 लाख के सोने की खबर ने बदला पूरा खेल
जांच में पुलिस को पता चला कि राकेश खन्ना ने हाल ही में करीब 80 लाख रुपये में अपना फ्लैट बेचा था। आरोप है कि उन्होंने इस रकम से सोना खरीदा था।
इसी सोने की जानकारी कथित तौर पर सिमरन को हो गई। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद उसने सोना हासिल करने के लिए साजिश रची।
आरोप है कि सिमरन ने मृतक की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को मेला दिखाने के बहाने घर से बाहर भेज दिया, ताकि राकेश खन्ना घर में अकेले रह जाएं।
दो दिन पहले ही कर ली गई थी रेकी
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात अचानक नहीं हुई थी। आरोपियों ने कथित तौर पर 30 अगस्त को घर की रेकी की थी।
1 सितंबर को परिवार के सदस्यों के घर से बाहर निकलने के बाद सिमरन ने घर का सेंट्रल लॉक खोल दिया। इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे चिराग और पारस घर के अंदर दाखिल हुए।
आरोप है कि दोनों ने अकेले मिले राकेश खन्ना की हत्या कर दी।
वहीं, सिमरन और उसका कथित बॉयफ्रेंड हिमांशु बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर बाहर निगरानी करते रहे। यानी ऊपर हत्या की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था और नीचे कथित तौर पर पहरा दिया जा रहा था।
घर खंगाला, लेकिन जिस चीज के लिए हत्या हुई वही नहीं मिली
हत्या के बाद आरोपियों ने घर में सोने और नकदी की तलाश की। लेकिन जिस बड़ी रकम के सोने के लिए कथित तौर पर पूरी साजिश रची गई थी, वह उन्हें नहीं मिला।
पुलिस के मुताबिक, राकेश खन्ना ने करीब 80 लाख रुपये का सोना पहले ही किसी गुप्त स्थान पर छिपा दिया था। आरोपियों को इसकी जानकारी नहीं थी।
तलाशी के दौरान उनके हाथ करीब 1.5 लाख रुपये की ज्वेलरी ही लगी।
यही बात इस हत्याकांड को और भी चौंकाने वाली बनाती है—जिस संपत्ति के लालच में कथित तौर पर हत्या की गई, वह आरोपियों के हाथ लगी ही नहीं।
चार लोगों की भूमिका सामने आई
पुलिस के मुताबिक, मामले में सिमरन, 22 वर्षीय चिराग और 19 वर्षीय पारस को गिरफ्तार किया गया है। चिराग बुराड़ी की बाबा कॉलोनी स्थित एक जिम में ट्रेनर बताया गया है, जबकि पारस 12वीं कक्षा का छात्र है। पुलिस के अनुसार, पारस का नाम पहले भी मुखर्जी नगर थाने में दर्ज एक मामले में सामने आ चुका है।
चौथे आरोपी के रूप में हिमांशु की पहचान की गई है, जो जिम का मालिक और बुराड़ी निवासी बताया गया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है और उसकी तलाश जारी है।
CCTV और डिजिटल सबूतों की जांच
पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही आरोपियों के बीच संपर्क, घटनास्थल की रेकी और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी साजिश कैसे रची गई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और हत्या के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए।
राकेश खन्ना के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।









