बिहार में बाढ़ का तांडव: 14 जिलों में 35 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट
Flood havoc in Bihar: Over 35 lakh people affected across 14 districts; heavy rain alert for the next 48 hours.

पटना: बिहार में नदियों के उफान और भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राज्य के राजधानी पटना समेत 14 जिले जलमग्न हैं और लगभग 35.79 लाख आबादी इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में चारों तरफ पानी भर जाने के कारण लोगों के सामने भोजन और पीने के स्वच्छ पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
14 जिले जलमग्न, नदियां उफान पर
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और खगड़िया सहित अन्य जिलों में देखा जा रहा है। हालांकि कोसी और सोन नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन गंगा, गंडक और पुनपुन जैसी प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर महीने में अब तक सामान्य से 31 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है और तटवर्ती व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
राहत एवं बचाव कार्य: 37 टीमें तैनात
राज्य प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
- सुरक्षा बल: बचाव अभियानों के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
- राहत शिविर व रसोई: पीड़ितों के लिए 456 सामुदायिक रसोई और 14 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां भोजन व आश्रय की व्यवस्था की जा रही है।
कांग्रेस सेवा दल ने संभाला राहत का मोर्चा
सरकारी प्रयासों के बीच राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मैदान में उतर चुके हैं। कांग्रेस पार्टी का सेवा दल बिहार के विभिन्न बाढ़ ग्रस्त इलाकों में नावों के जरिए पहुंचकर राहत सामग्री बांट रहा है।
सोनपुर के सबलपुर दियारा क्षेत्र में सेवा दल के कार्यकर्ता नावों से पहुंचे और लगभग 500 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता रोहित कुमार ने बताया कि पार्टी नेता राहुल गांधी के निर्देशों पर पूरे बिहार में लगातार जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा रही है।
सबलपुर में वितरित की गई राहत किट में प्रत्येक परिवार के लिए लगभग एक सप्ताह का राशन शामिल है, जिसमें:
चावल, दाल, आटा और चीनी
चना, सोयाबीन, चूड़ा और मीठा (गुड़)
चायपत्ती, नमक और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियां
बाढ़ के इस संकट के बीच राहत सामग्रियां पीड़ितों तक पहुंचाई जा रही हैं, लेकिन अगले दो दिनों की बारिश की चेतावनी ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है।








