बाढ़ राहत शिविर में भोजन की गुणवत्ता पर भड़के सांसद पप्पू यादव, पीड़ितों में बांटे ₹500-500 और राहत सामग्री
MP Pappu Yadav lashes out over food quality at a flood relief camp; distributes ₹500 and relief supplies to the victims.

हाजीपुर: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) ने मंगलवार देर रात हाजीपुर स्थित महात्मा गांधी सेतु के पास बने सरकारी बाढ़ राहत शिविर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिविर में रह रहे बाढ़ पीड़ितों ने भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
कच्चा खाना और जली दाल पर भड़के सांसद
निरीक्षण के दौरान शरणार्थियों ने सांसद को बताया कि उन्हें जली हुई दाल, कच्चा चावल और कच्चा चना परोसा जा रहा है, जो खाने योग्य नहीं है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि केवल मुख्यमंत्री या वरिष्ठ अधिकारियों के आगमन पर ही व्यवस्था दुरुस्त की जाती है, जबकि आम दिनों में प्रशासनिक अनदेखी बनी रहती है।
भोजन चखने के बाद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि राहत शिविरों में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे के समय लाल कारपेट बिछाकर सिर्फ दिखावा किया जाता है, जबकि अधिकारियों के जाते ही इंतज़ाम ध्वस्त हो जाते हैं।
राघोपुर में खुद बनाई पूरी, बांटी आर्थिक सहायता
हाजीपुर शिविर का जायजा लेने के बाद पप्पू यादव देर रात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर पहुंचे। वहां उन्होंने खुद खाना (पूरी) तैयार कर बाढ़ प्रभावितों को खिलाया और वहीं रात्रि विश्राम भी किया।
दोनों स्थानों पर सांसद ने जरूरतमंदों को अपनी ओर से 500-500 रुपये की नकद आर्थिक सहायता दी और महिलाओं के बीच सैनिटरी पैड वितरित किए।
जांच कराने की दी चुनौती
पैसे बांटने पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने कहा,
“मैं लंबे समय से आम जनता की सेवा और सहायता कर रहा हूं। बिहार की जनता मेरे लिए ईश्वर समान है। अन्य नेता मंदिरों में दूध चढ़ाते हैं, मैं अपनी जनता की पूजा करता हूं और उन्हीं पर खर्च करता हूं। यदि किसी को इस पर संदेह है, तो वह मेरी जांच करवा सकता है।”
ललन सिंह और प्रशांत किशोर पर साधा निशाना
इस मौके पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर भी तीखे हमले किए। ललन सिंह के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले नेताओं की संपत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, प्रशांत किशोर के बाढ़ से जुड़े बयान पर तंज कसते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वे राजनीतिक रूप से नई नवेली दुल्हन की तरह बयानबाजी कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर जनता के बीच नजर नहीं आते।








