RIMS में मरीजों की सुविधा पहली प्राथमिकता, खरीद से लेकर निर्माण तक सख्ती… अधिकारियों को दिए गए अहम निर्देश

स्थायी वित्त समिति की बैठक में खरीद प्रस्तावों की दोबारा समीक्षा का फैसला, निर्माण कार्य समय पर पूरा करने और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने पर जोर

रांची। राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में मरीजों की सुविधा और संस्थान की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

बुधवार को रिम्स की स्थायी वित्त समिति (SFC) की 15वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की। इसमें विभिन्न विभागों से प्राप्त खरीद एवं क्रय संबंधी प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा की गई।

खरीद से पहले जरूरत और उपयोगिता जांचने के निर्देश

बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी खरीद प्रस्ताव को मंजूरी देने से पहले उसकी वास्तविक जरूरत, प्राथमिकता, उपयोगिता और उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया जाए।

विभागों से प्राप्त क्रय अनुरोधों की दोबारा समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने और केवल वास्तव में जरूरी वस्तुओं व उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के साथ प्रस्ताव तैयार करने से लेकर खरीद पूरी होने तक सभी निर्धारित नियमों और वित्तीय प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निर्माण कार्यों में तेजी, समयसीमा का रखें ध्यान

बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने रिम्स परिसर का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।

अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सभी काम निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने को कहा गया।

विभागों से समन्वय कर तैयार हो आधारभूत संरचना

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कहा कि रिम्स में आधारभूत संरचना के विकास की योजना बनाते समय संबंधित विभागाध्यक्षों से बेहतर समन्वय जरूरी है। इससे विभागों की वास्तविक जरूरतों को समझकर भवन, कक्ष और अन्य सुविधाओं का प्रभावी विकास किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की योजना और क्रियान्वयन में संबंधित विभागों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए, ताकि तैयार होने वाली सुविधाओं का अधिकतम उपयोग हो सके।

मरीजों की सुविधा प्रभावित न हो

निर्माण और जीर्णोद्धार के दौरान मरीजों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, विद्यार्थियों और अन्य लोगों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों से कहा गया कि निर्माण कार्य के कारण अस्पताल की नियमित चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मरीजों के लिए जरूरी स्थान, आवागमन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को निर्माण योजनाओं में शामिल करने पर भी जोर दिया गया।

गुणवत्ता और प्रगति की होगी नियमित निगरानी

अधिकारियों ने निर्माणाधीन स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। अपर मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप काम कराने और समयसीमा की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रिम्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में आधारभूत संरचना का सीधा असर मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। इसलिए निर्माण और जीर्णोद्धार कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने तय प्राथमिकताओं के अनुसार खरीद और निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी करने की बात कही, ताकि रिम्स में मरीजों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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