BDO-CO को गोली मार दूंगा: सोशल मीडिया में मिली धमकी पर मचा हड़कंप, बीडीओ-सीओ को मारने की मिली धमकी, जांच शुरू

Police News: बीडीओ-सीओ को गोली मारने की धमकी के बाद हड़कंप मचा है। सोशल मीडिया पर ये धमकी दी गयी है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक गलियारे में हलचलें तेज है। पूरा मामला झारखंड के पलामू जिले की है। पलामू जिले के मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह अंचल अधिकारी (CO) मदन कुमार सुमन को सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई है। एक वीडियो के नीचे कमेंट या कैप्शन के रूप में अधिकारी को गोली मारने की बात लिखे जाने के बाद से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जमीन विवाद से जुड़ी हो सकती है साजिश
दरअसल पीड़ित अधिकारी मदन कुमार सुमन के अनुसार, क्षेत्र में इन दिनों एक जमीन विवाद का मामला चल रहा है। इस सिलसिले में अंचल कार्यालय की ओर से दोनों पक्षों को विधिवत नोटिस जारी किए गए हैं और फिलहाल मामले की सुनवाई भी प्रक्रिया में है।
सीओ ने आशंका जताई है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई यह धमकी इसी जमीन विवाद की रंजिश का परिणाम हो सकती है। इस गंभीर मामले को लेकर पुलिस प्रशासन को मौखिक सूचना दे दी गई है और जल्द ही थाने में लिखित आवेदन देकर औपचारिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस महकमे में एक्शन की तैयारी
मनातू थाना प्रभारी विक्की कुमार ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर धमकी दिए जाने की जानकारी पुलिस के संज्ञान में आ चुकी है। हालांकि, अधिकारी की तरफ से अभी आधिकारिक रूप से लिखित आवेदन मिलना बाकी है।
पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलते ही तुरंत कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पोस्ट और उसे अपलोड करने वाले अकाउंट की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है ताकि आरोपी की जल्द से जल्द पहचान की जा सके।
पलामू का पुराना और दहला देने वाला इतिहास
मनातू का यह इलाका लंबे समय से नक्सल प्रभावित और जंगलों से घिरा संवेदनशील क्षेत्र रहा है। ऐसे में अधिकारी को मिली धमकी ने पुराने खौफनाक इतिहास की यादें ताजा कर दी हैं:
• टीएसपीसी का पुराना साया: जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र में पहले भी अधिकारियों को टीएसपीसी (TSPC) संगठन की तरफ से धमकियां मिलने के मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें पुलिस ने पूर्व में कई नक्सलियों को दबोचा था।
• भवनाथ झा हत्याकांड: इस क्षेत्र के इतिहास का सबसे डरावना पन्ना वर्ष 1995 का है, जब तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी भवनाथ झा को भी नक्सलियों की तरफ से धमकी मिली थी और कथित तौर पर धमकी मिलने के ठीक अगले दिन उनके सरकारी आवास पर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
इतिहास के इन डरावने पन्नों और पुराने नक्सली घटनाक्रम को देखते हुए वर्तमान सोशल मीडिया धमकी को प्रशासन हल्के में नहीं ले रहा है। अधिकारी की सुरक्षा और मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस की टीमें हर पहलू पर बारीकी से छानबीन कर रही हैं।









