झारखंड शिक्षक न्यूज : TET की अनिवार्यता में मिल सकती है शिक्षकों को राहत, कैबिनेट में मुख्यमंत्री के सामने रखा जायेगा 25000 शिक्षकों का मुद्दा, विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराने की मांग

रांची। TET की अनिवार्यता ने पूरे देश के शिक्षकों की चिंताएं बढ़ा दी है। मामला पुनर्विचार के लिए सुप्रीमकोर्ट भी पहुंचा, लेकिन राहत नहीं मिला। पक्का हो गया है कि हर हाल में शिक्षकों को TET पास करना ही होगा। प्रमोशन से लेकर नौकरी में बने रहने तक के लिए TET की जरूरत हो गयी है। हालांकि शासन स्तर पर शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल अलग अलग तरीके से गुहार लगा रहा है, लेकिन फिलहाल राहत के संकेत नहीं मिले हैं।
हालांकि अब झारखंड के शिक्षकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य में आरटीई (RTE) यानी निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त किए गए शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से छूट दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार इस मामले में गंभीर पहल करते हुए झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार के पास भेजने की तैयारी कर रही है, जिससे करीब 25 हजार शिक्षकों को सीधा फायदा मिल सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने की मंत्रियों से मुलाकात
इस मामले को लेकर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी और महासचिव राममूर्ति ठाकुर के नेतृत्व में प्रमुख मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद और कल्याण मंत्री चमरा लिंडा से भेंट कर शिक्षकों की इस गंभीर समस्या से अवगत कराया।
संघ ने मांग रखी कि आरटीई अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले सेवा में आए और वर्तमान में कार्यरत लगभग 25 हजार शिक्षकों को बाद में जोड़ी गई TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। संघ का तर्क है कि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे इन अनुभवी शिक्षकों के भविष्य और सेवा हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को अन्य राज्यों की तर्ज पर कदम उठाना चाहिए।
मंत्रियों की ओर से मिला सकारात्मक आश्वासन
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दिलाने के लिए विधानसभा के माध्यम से प्रस्ताव पास कर विचारार्थ भारत सरकार को भेजा जाएगा।
वहीं, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने भी प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले को आगामी कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष विचार के लिए प्रमुखता से रखा जाएगा। सरकार की तरफ से मिले इस ठोस आश्वासन के बाद शिक्षक संघ में उम्मीद की नई किरण जगी है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे
इस शिष्टमंडल और चर्चा के दौरान अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:अनूप केसरी (प्रदेश अध्यक्ष),राममूर्ति ठाकुर (महासचिव),असदुल्लाह (संगठन महामंत्री),सलीम सहाय तिग्गा (रांची जिला अध्यक्ष),राजेश कुमार सिन्हा (बोकारो महासचिव),इसके अलावा असगर अली, विजय मुंडा और मिसवाहुल समेत कई अन्य शिक्षक नेता उपस्थित रहे।









