जमीन विवाद में जिंदा जलाया गया किसान आखिर जिंदगी की जंग हार गया! शव गांव पहुंचते ही फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर इंसाफ की मांग
23 जुलाई को पेट्रोल छिड़ककर किया गया था हमला, इलाज के दौरान हुई मौत; नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और ओपी प्रभारी को हटाने की मांग

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में जमीन विवाद ने एक और दर्दनाक मोड़ ले लिया। बिरनी प्रखंड के बाराडीह गांव में पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले किए गए सहोदर यादव ने इलाज के दौरान रांची के अस्पताल में दम तोड़ दिया। शनिवार सुबह जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित लोगों ने जुठहा–आम बागोडीह मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
23 जुलाई को हुआ था जानलेवा हमला
जानकारी के मुताबिक, 23 जुलाई को जमीन विवाद के दौरान सहोदर यादव पर कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई थी। गंभीर रूप से झुलसे सहोदर यादव को इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी मौत हो गई।
गांव पहुंचा शव, सड़क पर उतरे ग्रामीण
मृतक का शव गांव पहुंचते ही माहौल गम और गुस्से में बदल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मामले में नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और बरकट्ठा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय को हटाने की मांग की।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ धनंजय राम, बीडीओ फणीश्वर रजवार, इंस्पेक्टर अजय कुमार और बिरनी थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
समझाइश के बाद खुला जाम
काफी देर तक चली वार्ता के बाद प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
हालांकि गांव में अब भी शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस क्षेत्र में लगातार निगरानी रखे हुए है।
इंसाफ का इंतजार
सहोदर यादव की मौत के बाद अब परिजनों की मांग है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलाई जाए। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









