10 लाख लेते घूसखोर गिरफ्तार: CBI ने 10 लाख घूस लेते घूसखोर अफसर को किया गिरफ्तार, घर में मिले 3.60 करोड़ कैश, विदेशी मुद्रा भी बरामद
Corrupt official arrested for accepting a bribe of ₹10 lakh: The CBI arrested a corrupt officer for accepting a bribe of ₹10 lakh; ₹3.60 crore in cash and foreign currency were also recovered from his house.

CBI Raid : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (CPRI) के संयुक्त निदेशक राजाराम मोहनराव चेन्नू को 9.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई के बाद उनके आवास पर की गई छापेमारी में 3.59 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और कई देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई है, जिससे मामले की गंभीरता और दायरा और बढ़ गया है।
सीपीआरआई, बेंगलुरु के संयुक्त निदेशक राजाराम मोहनराव चेन्नू को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी कंपनी से अनुकूल परीक्षण रिपोर्ट जारी करने के बदले 9.5 लाख रुपये की रिश्वत ली। CBI ने इस मामले में पहले से ही खुफिया जानकारी के आधार पर ट्रैप बिछाया था और रिश्वत की रकम का लेन-देन होते ही आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
बेंगलुरु में चेन्नू को एक निजी कंपनी के अधिकारी के साथ रिश्वत की राशि का आदान-प्रदान करते हुए गिरफ्तार किया गया। इस दौरान निजी कंपनी के एक एग्जीक्यूटिव को भी हिरासत में लिया गया है। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि किसी तरह की सूचना लीक न हो और सबूत सुरक्षित रह सकें।
गिरफ्तारी के बाद CBI ने राजाराम चेन्नू के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान करीब 3.59 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा जब्त की गई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है।
जब्त की गई विदेशी करेंसी में अमेरिकी डॉलर, हांगकांग डॉलर, सिंगापुर डॉलर, इंडोनेशियाई रुपिया, मलेशियाई रिंगिट, यूरो, चीनी युआन (रेनमिन), स्वीडिश क्रोन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दिरहम शामिल हैं। इन विदेशी मुद्राओं की कुल कीमत चार लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
CBI अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि मामला केवल एक रिश्वत तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक भ्रष्टाचार नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है। एजेंसी अब विदेशी लेन-देन और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच कर रही है।
आरोप है कि वह ‘सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज’ नामक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल थे। यह कंपनी विद्युत उपकरणों का निर्माण करती है और उन उपकरणों की गुणवत्ता जांच एवं परीक्षण रिपोर्ट CPRI द्वारा जारी की जाती है।
आरोप है कि चेन्नू ने कंपनी के पक्ष में अनुकूल टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के बदले लगातार रिश्वत की मांग की थी। इसी सिलसिले में कंपनी के डायरेक्टर अतुल खन्ना को भी गिरफ्तार किया गया है।
CBI का मानना है कि यह खेल काफी समय से चल रहा था और इसमें कई स्तरों पर वित्तीय लेन-देन हुए हैं। फिलहाल एजेंसी ने सभी बरामद नकदी, विदेशी मुद्रा, आभूषण और दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।









