कैबिनेट ब्रेकिंग: हेमंत सरकार देगी 30 लाख रुपये ईनाम, स्वास्थ्य योजना के लिए 299 करोड़, जानिये कैबिनेट के सभी फैसले

Jharkhand Cabinet Meeting : झारखंड सरकार की हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण और जनहितकारी निर्णयों पर मुहर लगाई। बैठक में राज्य के तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की गई। वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को लागू करने के लिए 299 करोड़ 30 लाख रुपए की मंजूरी दी गई।

उग्रवाद और अपराध पर लगाम कसने के लिए सरकार ने उग्रवादियों और अपराधियों की गिरफ्तारी में सहयोग करने वालों के लिए पुरस्कार राशि योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत पांच कैटेगरीज बनाई गई हैं, जिनमें अधिकतम इनाम राशि 20 से 30 लाख रुपए और न्यूनतम 2 लाख रुपए तय की गई है। इनाम की राशि संबंधित अपराधों की गंभीरता और दर्ज मामलों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी।

इसके अलावा, महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए राज्य में 7 नए वन स्टॉप सेंटरों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। वहीं 275 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और निर्माण के लिए भी हरी झंडी दी गई है।

स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाते हुए रिम्स (रांची) में क्षेत्रीय नेत्र संस्थान की स्थापना और सहायक प्राध्यापकों को प्रोमोशन देने के लिए छाया पदों को स्वीकृति दी गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में सबसे चर्चित निर्णय रहा राजधानी रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन। लंबे समय से छात्रों की मांग थी कि इस विश्वविद्यालय का नाम राज्य के किसी स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा जाए। सरकार ने छात्रों की भावना को सम्मान देते हुए विश्वविद्यालय का नाम बदलकर वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय रखने का निर्णय लिया है।

साथ ही झारखंड फार्मासिस्ट नियमावली 2025, झारखंड सैंड माइनिंग रूल्स की अधिसूचना, शिक्षक स्थानांतरण नीति में संशोधन, कंबल वितरण योजना, राजमार्ग नियमावली में संशोधन, तथा चतुर्थ श्रेणी पुलिसकर्मियों के लिए नियमावली को भी मंजूरी दी गई है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

Related Articles