चतरा के जंगल में किशोरी की मौत का खौफनाक खुलासा! आत्महत्या नहीं, हत्या कर पेड़ से लटकाया था शव; पांच नाबालिग पुलिस की पकड़ में
लावालौंग थाना क्षेत्र में 16 अक्टूबर को पेड़ से लटका मिला था किशोरी का शव, संदिग्ध परिस्थितियों के बाद एसआईटी ने शुरू की जांच; पुलिस के अनुसार, यौन हिंसा के बाद गला घोंटकर हत्या करने और घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश का आरोप

चतरा। झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में जंगल के भीतर किशोरी का शव पेड़ से लटका मिलने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तौर पर आत्महत्या समझी जा रही इस घटना में हत्या की आशंका सामने आई और जांच के दौरान पांच नाबालिगों की संलिप्तता का आरोप सामने आया। पुलिस का कहना है कि किशोरी के साथ यौन हिंसा करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या की गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया। मामले में पांच नाबालिगों को निरुद्ध कर बाल न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है।
16 अक्टूबर को जंगल में मिला था किशोरी का शव
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के अनुसार, 16 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि लावालौंग थाना क्षेत्र की एक नाबालिग युवती ने जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। वहां की परिस्थितियां संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
मामले की जांच के लिए चतरा एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला आत्महत्या के बजाय हत्या का होने की आशंका मजबूत हुई।
जंगल में मिलने की योजना, फिर गंभीर अपराध का आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, तीन लड़के और तीन लड़कियां जंगल में मिलने के लिए पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि वहां मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने के बाद कुछ लड़कों ने उसी तरह यौन संबंध बनाने की कोशिश की। इसी दौरान किशोरी ने विरोध किया और वहां से जाने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, मौके पर मौजूद तीन नाबालिग युवकों ने कथित तौर पर किशोरी को पकड़कर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद उसकी गला घोंटकर हत्या करने और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ से लटकाने का आरोप है। ये विवरण पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों पर आधारित हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगा।
पांच नाबालिग निरुद्ध, बाल न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
पुलिस ने मामले की जांच के आधार पर तीन युवकों समेत कुल पांच नाबालिगों को निरुद्ध किया है। सभी आरोपी लावालौंग थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, उन्हें न्यायिक बाल सुधार गृह भेजा गया है। जांच दल मामले से जुड़े साक्ष्यों और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
एसपी की अभिभावकों से अपील, बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर रखें ध्यान
घटना के बाद एसपी अनिमेष नैथानी ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह जानकारी रखनी चाहिए कि उनके बच्चे किन लोगों के संपर्क में हैं, कहां जाते हैं और इंटरनेट पर किस तरह की सामग्री देखते हैं।
एसपी ने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल के बारे में समझाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी अपील की कि जरूरत न होने पर बच्चों को अलग मोबाइल फोन देने से बचें। बच्चों को गलत संगति, अनुचित गतिविधियों और उनके संभावित दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
जांच जारी, न्यायिक प्रक्रिया पर रहेगी नजर
चतरा के लावालौंग क्षेत्र की यह घटना नाबालिगों की सुरक्षा और बच्चों के व्यवहार तथा ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने पांच नाबालिगों को निरुद्ध कर कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।









