छोटे किसानों की बल्ले-बल्ले! मिनी ट्रैक्टर पर मिल रही ₹2.45 लाख तक की भारी सब्सिडी, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
Great news for small farmers! Massive subsidy of up to ₹2.45 lakh available on mini-tractors; here’s how to apply online.

खेती-किसानी को आधुनिक और आसान बनाने में ट्रैक्टर सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक है. हालांकि, आर्थिक तंगी के कारण छोटे और सीमांत किसानों के लिए नया ट्रैक्टर खरीदना अक्सर एक बड़ा सपना बनकर रह जाता है. किसानों की इसी परेशानी को दूर करने और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार एक खास सब्सिडी योजना लेकर आई है. इस योजना के तहत 15 से 20 हॉर्स पावर (HP) क्षमता वाले मिनी ट्रैक्टर की खरीद पर किसानों को ₹2.45 लाख तक का भारी अनुदान प्रदान किया जा रहा है.
इन कृषि यंत्रों पर भी मिलेगी भारी छूट
सरकार की यह योजना केवल मिनी ट्रैक्टर तक ही सीमित नहीं है. छोटे खेतों, बागवानी और गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए मिनी ट्रैक्टर कम ईंधन खर्च में बेहतर जुताई की सुविधा देता है. इसके साथ ही अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों जैसे रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर टिलर और बुवाई मशीनों की खरीद पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है.
योजना के लिए पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के नाम पर कृषि भूमि होना अनिवार्य है. साथ ही, बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए. शर्त यह भी है कि किसान ने बीते कुछ वर्षों में सरकार की किसी अन्य ट्रैक्टर सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो.
आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड (खतौनी/भू-अभिलेख)
- बैंक पासबुक की स्पष्ट प्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्गों के लिए)
- सक्रिय मोबाइल नंबर (ओटीपी और अलर्ट के लिए)
घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है:
- मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग के आधिकारिक पोर्टल mpfsts.mp.gov.in/mphd/new पर जाएं.
- पोर्टल पर अपना पंजीकरण (Registration) करें.
- लॉगिन करने के बाद संबंधित सब्सिडी योजना और अपनी पसंद के कृषि यंत्र (मिनी ट्रैक्टर या अन्य उपकरण) का चयन करें.
- मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज सही-सही अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें.
लॉटरी सिस्टम से होगा चयन
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग द्वारा पात्रता की जांच की जाएगी. निर्धारित लक्ष्य के आधार पर पारदर्शी ‘लॉटरी सिस्टम’ के जरिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा. लॉटरी में नाम शामिल होते ही किसान को स्वीकृति मिल जाएगी और सब्सिडी राशि सीधे उनके खाते से जोड़ दी जाएगी.








