धनबाद में अब बिजली कब आएगी-कब जाएगी, WhatsApp पर मिलेगा तुरंत अपडेट; JBVNL शुरू करने जा रहा नई सेवा
फॉल्ट, फ्यूज ऑफ, मेंटेनेंस और शटडाउन की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलेगी; ट्रायल सफल होने के बाद पूरे झारखंड में लागू करने की तैयारी

धनबाद। बिजली कटौती के दौरान अब धनबाद के उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों से संपर्क कर यह पता लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि बिजली कब आएगी या कितनी देर तक बंद रहेगी। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी JBVNL अब डिजिटल माध्यम से उपभोक्ताओं तक बिजली आपूर्ति से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।
छत्तीसगढ़ की तर्ज पर धनबाद में जल्द ही WhatsApp Broadcast Group सेवा शुरू की जा सकती है। इसके जरिए संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती, फॉल्ट, मरम्मत कार्य और शटडाउन से जुड़ी जानकारी सीधे उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराने की योजना है।
बिजली जाने से पहले मिल सकेगी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत किसी इलाके में निर्धारित शटडाउन या मेंटेनेंस के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने वाली है तो संबंधित उपभोक्ताओं को पहले ही इसकी सूचना दी जा सकेगी। इसके साथ ही बिजली बंद होने और संभावित रूप से आपूर्ति बहाल होने की जानकारी भी साझा की जाएगी।
इससे उपभोक्ता पहले से अपने जरूरी काम की योजना बना सकेंगे। खासकर लंबे शटडाउन या निर्धारित मरम्मत कार्य के दौरान लोगों को बिजली विभाग के कार्यालय या अधिकारियों से जानकारी लेने के लिए बार-बार संपर्क नहीं करना पड़ेगा।
फीडर में खराबी से लेकर फ्यूज ऑफ तक का अपडेट
JBVNL धनबाद अंचल में तैयार किए जा रहे WhatsApp Broadcast Group के माध्यम से कई तरह की बिजली संबंधी सूचनाएं साझा की जाएंगी। किसी फीडर में तकनीकी खराबी आने, फ्यूज ऑफ होने, मेंटेनेंस वर्क चलने या बड़े शटडाउन की स्थिति में अधिकारी संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जानकारी दे सकेंगे।
बिजली विभाग के महाप्रबंधक अशोक कुमार सिन्हा के मुताबिक धनबाद डिवीजन स्तर पर WhatsApp Broadcast Group तैयार किया जा रहा है। उपभोक्ता संबंधित कार्यपालक अभियंता और अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले माध्यम के जरिए इस सेवा से जुड़ सकेंगे।
पहले रांची में चल रहा है ट्रायल
JBVNL ने इस डिजिटल व्यवस्था का ट्रायल फिलहाल रांची डिवीजन के पांच प्रमंडलों में शुरू किया है। इस ट्रायल के जरिए यह देखा जा रहा है कि उपभोक्ताओं तक बिजली आपूर्ति से संबंधित सूचनाएं किस तरह तेजी और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जा सकती हैं।
अगर ट्रायल सफल रहता है तो इस सेवा को धनबाद समेत झारखंड के दूसरे प्रमंडलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी है। यानी आने वाले समय में राज्य के अधिक से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को WhatsApp के जरिए बिजली कटौती और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी मिलने की सुविधा मिल सकती है।
पौने तीन लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिल सकता है फायदा
इस डिजिटल सेवा का सबसे बड़ा फायदा धनबाद विद्युत अंचल के लाखों उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है। जीएम के अनुसार धनबाद विद्युत अंचल के तहत अलग-अलग श्रेणियों के करीब पौने तीन लाख से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं।
अचानक बिजली कटने की स्थिति में अगर फॉल्ट या मरम्मत कार्य की जानकारी समय पर मिल जाती है तो उपभोक्ताओं को यह पता रहेगा कि बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की वजह क्या है और उसे बहाल करने की दिशा में काम चल रहा है। इससे अनिश्चितता और बार-बार जानकारी लेने की परेशानी कम हो सकती है।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल सुविधा की ओर बड़ा कदम
JBVNL की यह पहल बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच सूचना के अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अभी बिजली कटौती होने पर कई उपभोक्ताओं को फॉल्ट की वजह और बिजली बहाली के संभावित समय की जानकारी के लिए अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता है।
WhatsApp Broadcast Group शुरू होने के बाद विभाग की ओर से ही संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं तक अपडेट पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी। हालांकि सेवा कब से पूरी तरह शुरू होगी और उपभोक्ताओं को इससे जुड़ने के लिए कौन सा आधिकारिक माध्यम उपलब्ध कराया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सेवा लागू होने के बाद सामने आएगी।
फिलहाल रांची में चल रहे ट्रायल के परिणाम पर नजर है। इसके सफल होने के बाद धनबाद में यह सुविधा लागू होने से बिजली कटौती की जानकारी हासिल करना उपभोक्ताओं के लिए काफी आसान हो सकता है।









