HEALTH NEWS: आयरन खाने के बाद भी नहीं बढ़ रहा हीमोग्लोबिन? कहीं ये गलती तो नहीं कर रहे, जानें कौन सा फूड कॉम्बिनेशन करेगा मदद

सिर्फ आयरन से भरपूर खाना काफी नहीं, शरीर में इसके बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन C भी जरूरी; जानिए किन चीजों को साथ खाने और किनसे दूरी रखने से मिल सकता है फायदा

 

लाइफस्टाइल। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हीमोग्लोबिन का पर्याप्त स्तर बेहद जरूरी है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है तो थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

कई लोग हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि भोजन में मौजूद आयरन शरीर में पर्याप्त मात्रा में अवशोषित नहीं हो पा रहा हो। ऐसे में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं है कि आप कितना आयरन खा रहे हैं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आप उसे किन खाद्य पदार्थों के साथ खा रहे हैं।

आयरन के साथ विटामिन C का कॉम्बिनेशन हो सकता है फायदेमंद

खाने से मिलने वाले आयरन को मुख्य रूप से हीम और नॉन-हीम आयरन के रूप में समझा जाता है। पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में मुख्य रूप से नॉन-हीम आयरन पाया जाता है। इसके अवशोषण को बेहतर बनाने में विटामिन C मदद कर सकता है। इसलिए आयरन से भरपूर भोजन के साथ विटामिन C वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना एक आसान तरीका हो सकता है।

मसलन, दाल, चना या राजमा खाते समय उसमें नींबू का रस मिलाया जा सकता है। पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ टमाटर या शिमला मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह अंकुरित चने या मूंग की सलाद में नींबू और टमाटर मिलाकर खाया जा सकता है। आंवला, अमरूद और संतरा भी विटामिन C के अच्छे खाद्य स्रोत हैं, जिन्हें भोजन के साथ या उसके आसपास डाइट में शामिल किया जा सकता है।

इन चीजों से आयरन वाले भोजन का कॉम्बिनेशन बनाएं

अगर आप शाकाहारी हैं तो दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल और कुछ सूखे मेवों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनके साथ नींबू, टमाटर, आंवला, अमरूद या अन्य विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ लेना उपयोगी हो सकता है।

उदाहरण के तौर पर चने की सब्जी के साथ नींबू, दाल के साथ नींबू का रस, पालक की सब्जी में टमाटर और अंकुरित मूंग-चना की सलाद में टमाटर व नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह एक ही भोजन में आयरन और विटामिन C को शामिल किया जा सकता है।

मांसाहारी आहार में मांस और कुछ अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थों से हीम आयरन मिलता है, जिसे शरीर आमतौर पर पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन की तुलना में अधिक आसानी से अवशोषित करता है।

आयरन खाने के तुरंत बाद चाय-कॉफी पीना पड़ सकता है भारी

अगर आप आयरन बढ़ाने के लिए डाइट पर ध्यान दे रहे हैं तो भोजन के साथ चाय या कॉफी लेने की आदत पर भी ध्यान देना जरूरी है। चाय और कॉफी में मौजूद पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक खासकर पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं।

इसलिए आयरन से भरपूर भोजन और चाय या कॉफी के बीच पर्याप्त अंतर रखना बेहतर माना जाता है। खासकर अगर किसी व्यक्ति में आयरन की कमी पहले से मौजूद है, तो भोजन के तुरंत बाद चाय-कॉफी पीने की आदत को बदलना उपयोगी हो सकता है।

सिर्फ आयरन की कमी से ही कम नहीं होता हीमोग्लोबिन

यह समझना भी जरूरी है कि कम हीमोग्लोबिन की वजह हमेशा आयरन की कमी नहीं होती। विटामिन B12 या फोलेट की कमी, लगातार रक्तस्राव, कुछ पुरानी बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी एनीमिया का कारण बन सकती हैं।

यही वजह है कि अगर आयरन युक्त भोजन लेने के बावजूद हीमोग्लोबिन लगातार कम बना हुआ है तो केवल डाइट बदलने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट के जरिए हीमोग्लोबिन, आयरन स्टोर्स और अन्य पोषक तत्वों की स्थिति की जांच कर सकते हैं। इससे कम हीमोग्लोबिन के पीछे की वास्तविक वजह समझने में मदद मिल सकती है।

बिना सलाह के आयरन सप्लीमेंट न लें

हीमोग्लोबिन कम होने पर कई लोग खुद से आयरन की गोलियां या सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता। आयरन सप्लीमेंट की जरूरत, मात्रा और अवधि व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करती है। बिना जरूरत अधिक मात्रा में आयरन लेना नुकसानदायक हो सकता है।

इसलिए हीमोग्लोबिन लगातार कम रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। डाइट में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने के साथ उनके सही कॉम्बिनेशन पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। आयरन वाले भोजन के साथ विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ लेना और उसके आसपास चाय-कॉफी से पर्याप्त अंतर रखना शरीर को आयरन का बेहतर उपयोग करने में मदद कर सकता है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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