दिनभर थकान और सुस्ती से रहते हैं परेशान? चाय-कॉफी छोड़कर ट्राई करें ये 3 देसी ड्रिंक्स, शरीर को मिलेगी ताजगी
पानी की कमी, खराब नींद और अनियमित खान-पान से भी हो सकती है कमजोरी; नींबू पानी, मसाला छाछ और सत्तू को डाइट में शामिल करने से मिल सकती है हाइड्रेशन और पोषण में मदद

लाइफस्टाइल। दिनभर काम करने के बाद शरीर में थकान और सुस्ती महसूस होना आम बात है। कई लोग ऐसी स्थिति में तुरंत चाय या कॉफी पीना शुरू कर देते हैं। इससे कुछ समय के लिए सतर्कता महसूस हो सकती है, लेकिन हर बार कैफीन का सहारा लेना सही विकल्प नहीं माना जाता।
शरीर में ऊर्जा कम महसूस होने के पीछे पानी की कमी, पर्याप्त भोजन न करना, नींद की कमी या लगातार काम करना जैसी कई वजहें हो सकती हैं। ऐसे में कुछ पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स हाइड्रेशन और पोषण में मदद कर सकते हैं। नींबू पानी, मसाला छाछ और सत्तू ऐसे ही आसान विकल्प हैं, जिन्हें घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है।
1. नींबू पानी
सुस्ती महसूस होने पर नींबू पानी सबसे आसान विकल्पों में से एक है। खासकर गर्मी में या ज्यादा पसीना आने के बाद शरीर को पर्याप्त तरल की जरूरत होती है। पानी की कमी होने पर थकान, सिरदर्द और कमजोरी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
एक गिलास पानी में ताजा नींबू का रस डालकर इसे तैयार किया जा सकता है। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में नमक डाला जा सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चीनी डालने से बचना बेहतर है।
नींबू में विटामिन C पाया जाता है, जबकि पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। गर्मी में बाहर रहने या ज्यादा पसीना आने की स्थिति में पर्याप्त तरल लेना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, गंभीर डिहाइड्रेशन, दस्त या उल्टी की स्थिति में सामान्य नींबू पानी को ORS का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
2. मसाला छाछ
गर्मियों में छाछ भारतीय घरों का लोकप्रिय पेय है। दही और पानी से तैयार होने वाली छाछ भोजन के साथ भी ली जाती है। इसमें भुना जीरा, पुदीना, धनिया और सीमित मात्रा में नमक डालकर इसे मसाला छाछ बनाया जा सकता है।
छाछ में दही से मिलने वाले कुछ पोषक तत्व होते हैं और यह शरीर को तरल भी उपलब्ध कराती है। भारी या मसालेदार भोजन के साथ बहुत मीठे पेय की जगह सामान्य छाछ कई लोगों को हल्की लग सकती है।
मसाला छाछ बनाने के लिए दही में पर्याप्त पानी डालकर अच्छी तरह फेंटें। इसके बाद भुना हुआ जीरा, पुदीना या धनिया और स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक मिलाएं।
हालांकि हाई ब्लड प्रेशर के कारण जिन लोगों को नमक कम लेने की सलाह दी गई है, उन्हें अतिरिक्त नमक का ध्यान रखना चाहिए। वहीं डेयरी से परेशानी होने वाले लोगों के लिए छाछ उपयुक्त विकल्प नहीं भी हो सकती है।
3. सत्तू का ड्रिंक
सत्तू उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाने वाला पारंपरिक खाद्य पदार्थ है। आमतौर पर भुने चने से तैयार सत्तू को पानी में मिलाकर इसका ड्रिंक बनाया जाता है।
सत्तू में प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे मीठा या नमकीन दोनों तरह से तैयार किया जा सकता है।
नमकीन सत्तू बनाने के लिए पानी में सत्तू मिलाएं और इसमें नींबू तथा स्वाद के अनुसार हल्के मसाले डाल सकते हैं। सत्तू सिर्फ तरल ही नहीं देता, बल्कि इसमें पोषक तत्व भी होते हैं। इसलिए भूख और कम ऊर्जा महसूस होने पर यह साधारण मीठे पेय की तुलना में ज्यादा पेट भरने वाला विकल्प हो सकता है।
हालांकि सत्तू में भी कैलोरी होती है, इसलिए इसे असीमित मात्रा में पीना सही नहीं है। डायबिटीज या किसी विशेष डाइट पर रहने वाले लोगों को मीठा सत्तू बनाते समय चीनी या गुड़ की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
सिर्फ चाय-कॉफी पर निर्भर रहना ठीक नहीं
चाय या कॉफी में मौजूद कैफीन कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ा सकता है, लेकिन इसका असर अस्थायी हो सकता है। ज्यादा कैफीन लेने से कुछ लोगों को बेचैनी, दिल की धड़कन तेज महसूस होने या रात में नींद प्रभावित होने जैसी परेशानी हो सकती है।
अगर रात की नींद पहले से खराब है और दिन में थकान दूर करने के लिए लगातार कॉफी पी जा रही है, तो यह समस्या का एक चक्र बन सकता है। दिन में ज्यादा कैफीन से रात की नींद प्रभावित होती है और अगली सुबह फिर सुस्ती महसूस हो सकती है।
पानी की कमी भी हो सकती है थकान की वजह
गर्म मौसम में पसीने के जरिए शरीर से पानी निकलता रहता है। इसकी भरपाई नहीं होने पर डिहाइड्रेशन हो सकता है। प्यास लगना, मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, सिरदर्द और थकान इसके संकेत हो सकते हैं।
इससे बचने के लिए पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है। नींबू पानी और छाछ जैसे पेय दैनिक तरल सेवन में योगदान दे सकते हैं, लेकिन सामान्य पानी का महत्व भी बना रहता है।
खाना छोड़ने से भी हो सकती है कमजोरी
लंबे समय तक खाली पेट रहना या दिनभर पर्याप्त भोजन नहीं करना भी शरीर में कमजोरी और सुस्ती की वजह बन सकता है। ऐसे में केवल मीठा ड्रिंक पीकर समस्या को दबाने के बजाय संतुलित भोजन पर ध्यान देना चाहिए।
डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, साबुत अनाज, सब्जियां, फल और स्वस्थ वसा को शामिल करना उपयोगी हो सकता है। सत्तू जैसे पेय कुछ पोषण दे सकते हैं, लेकिन इन्हें हर स्थिति में पूरे भोजन का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
अच्छी नींद भी है बेहद जरूरी
अगर कोई व्यक्ति रोजाना देर रात तक जागता है और पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो कोई भी एनर्जी ड्रिंक लंबे समय तक उसकी थकान दूर नहीं कर सकता। शरीर को रिकवरी के लिए पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद की जरूरत होती है।
सोने और जागने का समय नियमित रखना, देर रात स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना और शाम या रात में ज्यादा कैफीन से बचना नींद को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
लगातार थकान को नजरअंदाज न करें
कभी-कभी थकान होना सामान्य है, लेकिन अगर कई दिनों या हफ्तों से बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार कमजोरी और सुस्ती बनी हुई है, तो इसे केवल काम का तनाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार थकान के पीछे एनीमिया, थायरॉइड से जुड़ी समस्या, विटामिन की कमी, संक्रमण या नींद संबंधी परेशानी जैसे कई स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं।
अगर थकान के साथ सांस फूलना, चक्कर, सीने में दर्द, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
क्या याद रखें?
सामान्य सुस्ती या गर्मी की वजह से थकान महसूस होने पर नींबू पानी, मसाला छाछ और सत्तू ड्रिंक जैसे देसी विकल्प डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। लेकिन इन्हें थकान का इलाज समझने के बजाय पर्याप्त पानी, संतुलित भोजन और अच्छी नींद के साथ दैनिक आहार का हिस्सा मानना बेहतर है।









