दोस्त की पत्नी से शादी करने की चाहत में खूनी साजिश! मनीष यादव की हत्या के लिए 2 नाबालिगों को दी 2 लाख की सुपारी, CCTV और कॉल रिकॉर्ड से खुलीं परतें; 7 पकड़े गए
दिल्ली के सोनिया विहार में पेट्रोल पंप कर्मचारी की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; जांचकर्ताओं के मुताबिक, दोस्त उमेश मौर्य ने कथित तौर पर रची थी साजिश, वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल और मोटरसाइकिल बरामद।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, पैसों के लेन-देन और लोगों के बयानों की पड़ताल की गई। जांचकर्ताओं का दावा है कि इन सुरागों के आधार पर कथित साजिश और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका सामने आई। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
13 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को सोनिया विहार के 4.5 पुश्ता इलाके के पास मनीष यादव को गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल मनीष को सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और घटना से जुड़े लोगों के बयान भी जांच के दायरे में लिए गए।
पुलिस को एक बयान से हुआ शक
जांचकर्ताओं के मुताबिक, विवेक सिंह ने सबसे पहले पुलिस को गोलीबारी की सूचना दी थी। बाद में उसके बयानों में कथित विसंगतियां सामने आने पर पुलिस को उस पर शक हुआ। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं ने मामले में उसकी कथित भूमिका का पता लगाने का दावा किया।
पुलिस का कहना है कि गोलीबारी से कुछ समय पहले उमेश मौर्य ने मनीष यादव से संपर्क किया था। आरोप है कि इसका मकसद मनीष को घर से बाहर बुलाना था, ताकि उस पर हमला किया जा सके।
तलाक के विवाद के बीच दोस्त की पत्नी से शादी की चाहत का आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, उमेश मौर्य की शादीशुदा जिंदगी में विवाद चल रहा था और तलाक का मामला अदालत में लंबित था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उमेश मनीष यादव की पत्नी से शादी करना चाहता था, जिसे वह अपनी शादी से पहले से जानता था। इसी कथित मंशा के चलते उसने मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, इस साजिश में विवेक सिंह और दो नाबालिगों की भूमिका भी सामने आई है। जांचकर्ताओं का दावा है कि हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।
पहले भी हत्या की कोशिश किए जाने का दावा
पुलिस के अनुसार, मनीष यादव की हत्या की कोशिश 10 अक्टूबर को भी की गई थी, लेकिन कथित योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि मनीष तय तरीके से घर से बाहर नहीं आया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि 13 अक्टूबर को उमेश ने पैसों का बहाना बनाकर मनीष को घर से बाहर बुलाया। जैसे ही मनीष पैसे लेने या लौटाने के सिलसिले में बाहर आया, दो नाबालिगों ने कथित तौर पर उस पर गोली चला दी। इस हमले में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
पिस्तौल, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद
पुलिस ने मामले में आनंद, नितिन उर्फ नरेंद्र और भीम सिंह समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की है। पुलिस को संदेह है कि भीम सिंह ने कथित तौर पर पिस्तौल उपलब्ध कराई थी, जबकि नितिन ने आरोपियों के बीच संपर्क और मुलाकात कराने में मदद की थी।
पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच टीम अब कथित सुपारी की रकम और अन्य आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
मनीष की पत्नी की भूमिका की भी जांच
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या मनीष यादव की पत्नी को कथित साजिश की जानकारी थी या मामले में उनकी कोई भूमिका थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सोनिया विहार हत्याकांड में पुलिस की जांच अब कथित साजिश, पैसों के लेन-देन और सभी आरोपियों की भूमिका पर केंद्रित है। पुलिस के दावों के मुताबिक, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड इस मामले की अहम कड़ियां साबित हुए हैं। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।









