झारखंड: होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, सिंटू सिंह को कानपुर में पुलिस ने दबोचा
Jharkhand: Mastermind behind hotelier Nikhar Sablok's murder arrested; Sintu Singh nabbed by police in Kanpur.

जमशेदपुर। कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड के मास्टरमाइंड को उत्तरप्रदेश से पकड़ा गया है। जमशेदपुर के कदमा विजया हेरिटेज फेज-6 निवासी और होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को कानपुर से गिरफ्तार किया है।
शनिवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे जमशेदपुर लेकर पहुंची, जहां वरीय पुलिस अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं।पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह की भूमिका निखार सबलोक की हत्या की साजिश में अहम रही है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर हत्याकांड की पूरी साजिश, रेकी करने वालों और शूटर्स के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
मोबाइल लोकेशन से पुलिस ने किया ट्रेस
झारखंड पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर सिंटू सिंह को ट्रेस किया और इसके बाद कानपुर में उसकी गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तारी के बाद उसे जमशेदपुर लाया गया है। पुलिस के वरीय पदाधिकारी उससे लगातार पूछताछ कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पूछताछ में सिंटू पुलिस का सहयोग कर रहा है। पुलिस उसे घटनास्थल पर ले जाकर भी जांच कर सकती है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद निखार सबलोक हत्याकांड की साजिश से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
फायरिंग और रंगदारी समेत कई मामले दर्ज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिंटू सिंह मानगो के उलीडीह क्षेत्र का शातिर अपराधी रहा है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं।बताया जाता है कि जेल से बाहर आने के बाद वह हाईवे के किनारे के क्षेत्रों के अलावा चांडिल, कपाली और एमजीएम थाना क्षेत्र में जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था।
जमशेदपुर पुलिस ने उसे तड़ीपार भी किया था। इसके बाद वह कपाली क्षेत्र में रहकर अपना गिरोह संचालित कर रहा था।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद सिंटू सिंह ने अखिलेश सिंह गिरोह से भी संपर्क बनाया था।
पहले गुड्डू पांडेय गिरोह से जुड़ा था
सिंटू सिंह का नाम पहले मानगो के अपराधी गुड्डू पांडेय के गिरोह से भी जुड़ा रहा है। बताया जाता है कि गणेश सिंह को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सिंटू सिंह ने गुड्डू पांडेय के घर पर फायरिंग की थी।
इस घटना के बाद से सिंटू सिंह पुलिस की नजर में रहा है। अब निखार सबलोक हत्याकांड में उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके पुराने आपराधिक नेटवर्क और वर्तमान मामले के बीच कड़ियों की भी जांच कर रही है।
एक सप्ताह से निखार की हो रही थी रेकी
जांच में यह भी बात सामने आई है कि निखार सबलोक की हत्या से पहले करीब एक सप्ताह तक उनकी गतिविधियों की रेकी की जा रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेकी के लिए सिंटू सिंह ने मानगो डिमना रोड निवासी विश्वनाथ से लाल रंग की एक कार खरीदी थी।
इसी हत्याकांड से जुड़े एक अन्य कारोबारी अशोक सिंह राघव को भी शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद टीएमएच में भर्ती कराया गया है। उसे चांडिल थाना क्षेत्र में अचानक तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल ले जाया गया।
होटल टेंथ माइल स्टोन में हुई थी हत्या
गौरतलब है कि शहर के चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक की 24 अगस्त को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि निखार घर से निकलने के बाद चांडिल थाना क्षेत्र स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन पहुंचे थे।वहां वे चांडिल निवासी सुखलाल पहाड़िया और उनके साथियों मनमन सिंह तथा गुरुचरण सिंह के साथ जमीन से जुड़े मामले पर बातचीत करने पहुंचे थे। संबंधित जमीन होटल टेंथ माइल स्टोन के पास ही बताई जा रही है।
आरोप है कि अपराधी पहले से ही होटल पहुंचकर निखार का इंतजार कर रहे थे। बातचीत के बाद जैसे ही निखार होटल से बाहर निकले, हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। गोलीबारी में निखार को करीब 11 गोलियां लगीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अब खुलेगा हत्या की साजिश का राज
मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निखार सबलोक की हत्या की साजिश कब और क्यों रची गई थी। रेकी में कौन-कौन लोग शामिल थे, शूटर्स तक हथियार और वाहन कैसे पहुंचे और हत्या के पीछे असली वजह क्या थी, इन सभी सवालों के जवाब सिंटू सिंह से पूछताछ के बाद सामने आने की उम्मीद है।पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों और पूरी साजिश का खुलासा होने की संभावना है।









