झारखंड विधानसभा : शिक्षकों की कमी, स्वास्थ्य विभाग की बदहाली व मेडिकल काउंसिलिंग का मुद्दा गरमाया, प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष सवालों से घिरा
Jharkhand Assembly: Teacher shortages, the state of the health department, and medical counseling issues heated up, with the ruling party facing questions during question hour.

रांची। विधानसभा के प्रश्नकाल में विपक्ष ने सत्ता पक्ष को खूब घेरा। मेडिकल काउंसलिंग घोटाले के आरोप, वृद्धजन के लिए उपकरण खरीद में अनियमितता, ट्रॉमा सेंटर के संचालन में लापरवाही, कॉलेजों में स्टाफ की कमी और किडनी रोगियों के इलाज की बदहाली सहित कई मुद्दे जोरदार ढंग से उठे।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मेडिकल काउंसलिंग में कथित धांधली का मामला उठाकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JCECEB) पोर्टल को NPA पोर्टल से लिंक नहीं किया गया है, जिसके कारण मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि मेडिकल काउंसिल के गाइडलाइन के अनुसार दोनों पोर्टल लिंक किए जाएं ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
वहीं भाजपा विधायक राज सिन्हा ने वृद्धों के लिए ऑर्थोपेडिक कैलीपर्स की जगह वर्नियर कैलिपर्स खरीदकर बड़ी लापरवाही किए जाने का आरोप लगाया। इस पर मंत्री इरफान ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इसे घोटाला कहना उचित नहीं होगा, क्योंकि कुल खरीद राशि मात्र 2 लाख 48 हजार 500 रुपये की थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लालदेव रजक नामक शख्स ने विभाग को गुमराह किया था।
वहीं, झामुमो विधायक मो. ताजुद्दीन ने राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के संचालन नहीं होने से लोगों को दुर्घटनाओं में समय पर उपचार नहीं मिल पाने की समस्या उठाई। मंत्री इरफान ने कहा कि डॉक्टरों की कमी की वजह से संचालन प्रभावित है और वे स्वयं मौके पर जाकर हालात की समीक्षा करेंगे।
शिक्षा की अव्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर भाजपा विधायक अमित कुमार यादव ने हजारीबाग के बरकट्ठा स्थित डिग्री कॉलेज में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिना आवश्यक व्यवस्था के छात्रों का दाखिला लेकर उनके भविष्य को खतरे में डाला जा रहा है। इसके जवाब में मंत्री सुदिव्य ने बताया कि प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति कर दी गई है, और स्टाफ बहाली की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बहाली प्रक्रिया शुरू होते ही अक्सर CBI जांच और कोर्ट केस के कारण देरी होती है। आवश्यकता पड़ने पर छात्रों को अन्य कॉलेजों में एडजस्ट करने की भी बात कही गई।
सदन में स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा फिर उठा जब भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने धनबाद के SNMCH सहित आसपास जिलों में किडनी रोगियों के इलाज में हो रही लापरवाही का मामला रखा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में गंदगी है, मशीनें खराब पड़ी हैं और डायलिसिस की सुविधा ठप है। इस पर मंत्री इरफान ने कहा कि नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है और सरकार इस पर गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही विधायक के साथ अस्पताल का निरीक्षण करेंगे।









