झारखंड- शराबी कर्मचारी का बवाल: प्रखंड कार्यालय में शराब पीकर तीन अधिकारी-कर्मचारी ने किया हंगामा, तीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा, मेडिकल में भी…

Jharkhand- Drunken employee's uproar: Three officers and employees created a ruckus in the block office after drinking alcohol, strict action recommended against all three, medical also...

प्रखंड कार्यालय में सरकारी कर्मचारियों द्वारा शराब पीकर हंगामा करने का मामला सामने आया है। मेडिकल जांच में शराब सेवन की पुष्टि के बाद तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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गढ़वा। शराब पीकर प्रखंड कार्यालय में बवाल काटने वाले तीन अधिकारी-कर्मचारी पर गाज गिर गयी है। शिकायत के बाद अब बीडीओ ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कर दी है। पूरा मामला झारखंड के Garhwa जिले से प्रशासनिक अनुशासन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां केतार प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कुछ सरकारी कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से शराब पीकर हंगामा करने की घटना ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, इस मामले में राजस्व उप निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी, जनसेवक नीरज कुमार सिंह और अनुसेवक जितेंद्र उरांव के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रशांत कुमार ने तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को भेज दी है, जिसमें उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण भी कराया। जांच रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि पॉजिटिव पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप निराधार नहीं हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया को और मजबूती मिली है।इस घटना के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी काफी आक्रोश देखने को मिला।

जब यह खबर मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हुई, तो जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। विधायक प्रतिनिधि सुरेश कुमार, प्रखंड प्रमुख चंद्रावती देवी और जिला परिषद सदस्य ज्वाला प्रसाद ने उपायुक्त को पत्र लिखकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मामले को और गंभीर बनाते हुए एक स्थानीय ग्रामीण रवि कुमार ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना चाहा, तो संबंधित कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।

इतना ही नहीं, रवि कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद देर रात संबंधित कर्मचारियों ने उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। इस आरोप के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।पीड़ित द्वारा केतार थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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