झारखंड : मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी माना खाद की हो रही कालाबाजारी, जनता दरबार में पहुंचे फरियादी, भारी भरकम बिजली बिल की शिकायत लेकर…
Jharkhand: Minister Shilpi Neha Tirkey also admitted that black marketing of fertilizers is happening, complainants reached the public court with complaints of huge electricity bills...

रांची। किसानों को इस बार खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी स्वीकार किया है कि राज्य में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मानसून की बारिश सामान्य से अधिक हुई है, जिसके चलते यूरिया की मांग भी काफी बढ़ गई है।
बढ़ती मांग के कारण कालाबाजारी की घटनाएँ सामने आ रही हैं, लेकिन इस पर सरकार पूरी तरह से नजर रखे हुए है।कृषि मंत्री गुरुवार को राजधानी रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुन रही थीं।
उन्होंने कहा कि पलामू जिले में कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर चार दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
किसानों को होगी अतिरिक्त यूरिया आपूर्ति
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अतिरिक्त यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से भी बात करेगी। इसके लिए वह जल्द ही केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात करेंगी। साथ ही, यूरिया वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए थोक विक्रेताओं के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
जनता दरबार में उठे कई मुद्दे
जनता दरबार के दौरान कृषि मंत्री के सामने कुल 74 लोगों ने अपनी समस्याएँ रखीं। इसमें मुख्य रूप से पेंशन, बिजली बिल, तालाब जीर्णोद्धार, यूरिया की कालाबाजारी, जल संकट, मंईयां सम्मान योजना, जाति-आय प्रमाण पत्र और गंभीर बीमारियों से जुड़े मामले शामिल रहे।
इस मौके पर हिंदपीढ़ी निवासी मोहम्मद शमीम जलील ने मंत्री को बताया कि उनके ऊपर ₹1,32,000 का बिजली बिल आया है। इस पर मंत्री ने तुरंत संबंधित अधिकारी से बातचीत की और बिल में सुधार करने के साथ-साथ ऐसे अन्य मामलों को भी प्राथमिकता पर हल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार
कृषि मंत्री ने साफ कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोकतंत्र में सभी व्यवस्थाएँ जनता को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता दरबार एक सकारात्मक पहल है, जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। कई लोगों को पहले ही इसका लाभ मिला है, और आगे भी यह पहल लगातार जारी रहेगी।








