झारखंड: जानिये कौन-कौन सी परीक्षा हो गयी रद्द, एक झटके में चली गयी हजारों लोगों की नौकरी, देखिये TDPL की परीक्षा की लिस्ट
JSSC CGL रद्द: TDPL की सभी परीक्षाएं भी रद्द, जानिए कौन-कौन सी परीक्षा होंगी कैंसिल

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने सोमवार देर शाम बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में हुई विशेष बैठक में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जेपीएससी मेधा घोटाले से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उनसे जुड़ी भर्तियों को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
सरकार के इस निर्णय से जेपीएससी और अन्य भर्ती संस्थाओं की कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं प्रभावित होंगी। इनमें ऐसी परीक्षाएं भी शामिल हैं, जिनकी परीक्षा आयोजित हो चुकी है या जिनका परिणाम जारी किया जा चुका है। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कराने का भी निर्णय लिया है।
कौन-कौन सी परीक्षाएं होंगी रद्द?
सरकार के निर्णय के अनुसार TDPL एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से ये परीक्षाएं शामिल हैं—
- JSSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा
- संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023
- संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025
- झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)
- वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा
- सहायक वन संरक्षक नियुक्ति परीक्षा
- TDPL द्वारा आयोजित अन्य संबंधित प्रतियोगी परीक्षाएं और उनसे जुड़ी भर्तियां
सरकार ने स्पष्ट किया है कि TDPL से जुड़ी कार्रवाई केवल आगामी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। जिन परीक्षाओं में नियुक्ति हो चुकी है, परीक्षा पूरी हो चुकी है या परिणाम जारी किया जा चुका है, उन्हें भी निर्णय के दायरे में शामिल किया गया है।
JSSC-CGL भी होगी रद्द
छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर भी कार्रवाई शामिल थी। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (JSSC-CGL) को रद्द करने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अब व्यापक स्तर पर कदम उठाए जाएंगे।
2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच
सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस अवधि में जिन परीक्षाओं में छोटी या बड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आई है, उसकी जांच की जाएगी।इस जांच में पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में आयोजित परीक्षाएं भी शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ने परीक्षा संचालन के लिए निर्धारित एसओपी का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया होता तो इस तरह की गड़बड़ियों की स्थिति पैदा नहीं होती।
रिटायर हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में होगी CGL की जांच
JSSC-CGL से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच के लिए सरकार ने झारखंड हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी और सीआईडी की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो गंभीर और चौंकाने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि CGL में नियुक्त हुए कुछ लोगों के नाम जेपीएससी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों से जुड़ी कार्रवाई में भी सामने आ रहे हैं।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बनेगी कमेटी
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए एक अलग कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया है। IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनने वाली यह कमेटी परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सुझाव देगी।मुख्यमंत्री के अनुसार परीक्षा सुधार के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों से लगातार सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। कमेटी इन सुझावों का अध्ययन करेगी और विभिन्न संस्थानों तथा शिक्षाविदों से चर्चा के बाद अपनी अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगी।
छात्रों की बैठक रद्द होने के बाद हुई मैराथन बैठक
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रस्तावित बैठक सोमवार दोपहर अचानक स्थगित कर दी गई थी। जिला प्रशासन के अधिकारी छात्रों को वार्ता के लिए जयपाल सिंह स्टेडियम से लेने पहुंचे थे और प्रतिनिधिमंडल को वाहन में भी बैठाया गया था। लेकिन वाहन आगे बढ़ने के बाद वापस लौट गया।इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ बैठक बुलाई। शाम करीब पांच बजे शुरू हुई यह बैठक लगभग चार घंटे चली और रात नौ बजे समाप्त हुई। बैठक में छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सरकार के पांच बड़े फैसले
छात्र आंदोलन के बीच सरकार के फैसलों को पांच बड़े बिंदुओं में समझें तो—
- TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाएं और भर्तियां रद्द होंगी।
- JSSC-CGL परीक्षा भी रद्द की जाएगी।
- 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच होगी।
- अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी बनेगी।
- छात्रों की चिंताओं को देखते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मजबूत कानून लाने की तैयारी होगी।
सरकार के इस फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रद्द की गई परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए आगे की प्रक्रिया क्या होगी और नई परीक्षा कब आयोजित की जाएगी। इन दोनों मुद्दों पर सरकार की ओर से आने वाले विस्तृत आदेश का इंतजार रहेगा।









