जिसे पूरा गांव समझता रहा गरीब भिखारिन, घर खुला तो उड़ गए होश! 30 से ज्यादा बोरियों में भरे मिले नोट, गिनने के लिए बुलानी पड़ी मशीन…बोरियों में कितना कैश है, इसका हिसाब लगाना अभी बाकी
Karnataka News: 10, 20 और 50 रुपये के नोटों से भरी थीं बोरियां, अब तक गिने जा चुके 8-9 लाख रुपये; बाकी 20 बोरियों में कितना कैश है, इसका हिसाब लगाना अभी बाकी

मांड्या: आमतौर पर सड़क किनारे या घर-घर भीख मांगने वाले लोगों को देखकर हर किसी के मन में यही ख्याल आता है कि उनके पास मुश्किल से दो वक्त की रोटी का इंतजाम होगा। लेकिन कर्नाटक के मांड्या जिले से सामने आई एक घटना ने इस सोच को पूरी तरह उलट दिया। जिस बुजुर्ग महिला को लोग सालों से गरीब भिखारिन समझते रहे, उसकी मौत के बाद घर की तलाशी ली गई तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया।
घर में एक-दो नहीं, बल्कि 30 से ज्यादा बोरियों में नोट भरे मिले। बोरियों में मुख्य रूप से 10, 20 और 50 रुपये के नोट थे। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी देखकर नोटों की गिनती के लिए मशीन तक मंगवानी पड़ी।
मौत के बाद खुला घर का राज
मामला कर्नाटक के मांड्या जिले के गुथालू इलाके का है। यहां रहने वाली बुजुर्ग महिला हूर उन्निसा अपनी बहन के साथ रहती थीं। दोनों बहनों ने शादी नहीं की थी और लंबे समय से भीख मांगकर अपना जीवन गुजार रही थीं।
करीब दो साल पहले उन्निसा की बहन की मौत हो गई। इसके बाद वह घर में अकेली रह गईं। बताया जा रहा है कि उन्निसा लंबे समय से बीमार भी थीं और रविवार को उनकी मौत हो गई।
उनकी मौत के बाद स्थानीय लोगों ने जब घर की तलाशी ली तो प्लास्टिक की बोरियों में भरे नोट देखकर हर कोई दंग रह गया।
30 से ज्यादा बोरियों में भरे थे नोट
उन्निसा के घर से 30 से ज्यादा बोरियां मिली हैं, जिनमें बड़ी संख्या में 10, 20 और 50 रुपये के नोट रखे हुए थे।
इतने ज्यादा नोट थे कि उन्हें हाथ से गिनना आसान नहीं था। इसके लिए नोट गिनने वाली मशीन मंगानी पड़ी।
अब तक करीब 8 से 9 लाख रुपये गिने जा चुके हैं, जबकि लगभग 20 बोरियों की गिनती अभी बाकी बताई जा रही है। यानी कुल रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।
फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है कि सभी बोरियों में कुल कितनी रकम है। बाकी नकदी की गिनती पूरी होने के बाद ही वास्तविक रकम का पता चल सकेगा।
आखिर भीख मांगकर इतना पैसा कैसे जमा किया?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्निसा ने अपनी पूरी जिंदगी भीख मांगकर इतनी बड़ी रकम कैसे जमा कर ली?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह लंबे समय से इलाके में भीख मांगती थीं। छोटी-छोटी रकम के रूप में मिलने वाले पैसों को वह खर्च करने के बजाय जमा करती रही होंगी।
हालांकि, उनकी कुल संपत्ति कितनी थी और इतने वर्षों में उन्होंने कितनी रकम जमा की, इसका आधिकारिक तौर पर अभी खुलासा नहीं हुआ है।
मस्जिद की कस्टडी में रखा गया कैश
उन्निसा के घर से मिले पैसों को फिलहाल गुथालू इलाके की एक मस्जिद की कस्टडी में रखा गया है।
महिला के रिश्तेदारों को इस रकम की जानकारी दे दी गई है। बाकी बोरियों में मौजूद रकम की गिनती भी रिश्तेदारों की मौजूदगी में किए जाने की बात कही गई है।
इसके बाद यह तय किया जाएगा कि उन्निसा की जिंदगी भर की जमा-पूंजी किसे सौंपी जाएगी और उसका कानूनी हकदार कौन है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बोरियों में भरे नोट और उनकी गिनती किए जाने का दृश्य लोगों का ध्यान खींच रहा है।
जिस महिला को लोग सालों तक एक जरूरतमंद भिखारी समझते रहे, उसके घर से इस तरह बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर ने पूरे इलाके में चर्चा पैदा कर दी है।
अब सबकी नजर बाकी 20 बोरियों की गिनती पूरी होने पर है। असली रकम सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि उन्निसा ने अपनी जिंदगी भर की भीख से आखिर कितनी बड़ी रकम जमा कर रखी थी।









