नेपाल में चक्रवात अर्नब का असर बढ़ने की आशंका, विमानन सुरक्षा अलर्ट जारी, 29 और 30 अक्टूबर को उड़ानों पर विशेष नजर

नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने हवाई अड्डों, विमान कंपनियों और एयर ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। पर्वतीय इलाकों में तेज हवाएं, भारी बारिश, गरज-चमक और बर्फबारी की आशंका के बीच उड़ानों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना बनाने को कहा गया।

काठमांडू। चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए नेपाल में विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार, 29 अक्टूबर को सुरक्षा परिपत्र जारी कर हवाई सेवा प्रदाताओं, हवाई अड्डा संचालकों, विमान कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा है।

प्राधिकरण के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से नेपाल के पर्वतीय और उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और बर्फबारी हो सकती है। खराब मौसम के कारण विमानों के उड़ान भरने और उतरने, हवाई अड्डों के संचालन तथा रनवे की स्थिति पर असर पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए 29 और 30 अक्टूबर को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

खराब मौसम में उड़ानों के संचालन पर रहेगी नजर

नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने संबंधित विमानन इकाइयों को निर्देश दिया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार उड़ानों का संचालन किया जाए। तेज हवाओं, कम दृश्यता और भारी बारिश की स्थिति में विमान के सुरक्षित उड़ान भरने और उतरने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में हवाई अड्डों और विमान कंपनियों को मौसम संबंधी अपडेट के आधार पर परिचालन संबंधी फैसले लेने होंगे।

प्राधिकरण ने हवाई यातायात प्रबंधन से जुड़े निकायों को प्रतिकूल मौसम से निपटने के लिए प्रभावी उड़ान प्रबंधन योजना तैयार करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर अन्य विमानन इकाइयों के साथ समन्वय करने और उड़ानों के सुरक्षित संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जरूरत पड़ने पर बदले जा सकते हैं उड़ानों के मार्ग

सुरक्षा परिपत्र में कहा गया है कि यदि मौसम निर्धारित परिचालन सीमाओं से अधिक खराब हो जाता है, तो स्थिति के अनुसार उड़ानों के मार्ग में बदलाव किया जा सकता है। विमानों को निर्धारित क्षेत्र में कुछ समय तक प्रतीक्षा कराने या सुरक्षा के लिहाज से अन्य जरूरी परिचालन उपाय अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्राधिकरण ने विंड शीयर यानी हवा की दिशा या गति में अचानक बदलाव, वायुमंडलीय अस्थिरता और गरज-चमक से संबंधित सूचनाएं समय पर साझा करने पर जोर दिया है। ऐसी जानकारी आने और जाने वाले विमानों तक तत्काल पहुंचाने को कहा गया है, ताकि पायलट और संबंधित नियंत्रण इकाइयां समय रहते जरूरी निर्णय ले सकें।

हवाई अड्डों की बिजली और संचार व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश

खराब मौसम के दौरान विमानन सेवाओं को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए प्राधिकरण ने हवाई नेविगेशन सेवाओं तथा हवाई यातायात प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तैयार रखने को कहा है। इसमें वैकल्पिक बिजली आपूर्ति और संचार प्रणालियां भी शामिल हैं।

प्राधिकरण ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि गंभीर जोखिम, परिचालन में किसी बाधा या सुरक्षा से जुड़ी घटना की जानकारी निर्धारित माध्यमों से तत्काल दी जाए। इसका उद्देश्य प्रतिकूल मौसम के दौरान संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना और आवश्यक कदम उठाना है।

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता

नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में तेज हवाओं, कम दृश्यता और बर्फबारी जैसी परिस्थितियां विमानन संचालन के लिए चुनौती बन सकती हैं। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के निर्देशों का उद्देश्य इन संभावित जोखिमों को कम करना और उड़ानों के सुरक्षित संचालन के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।

फिलहाल प्राधिकरण ने 29 और 30 अक्टूबर को विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष उड़ान के रद्द होने या हवाई अड्डों के बंद किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। उड़ानों पर वास्तविक असर मौसम की स्थिति और संबंधित विमानन अधिकारियों के परिचालन निर्णयों पर निर्भर करेगा।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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