प्राइवेट पार्ट कटने के बाद भी नहीं निकली चीख, फिर चौथी मंजिल से लगाई छलांग… प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत ने खड़े किए कई सवाल

CCTV में खून से सनी धोती में कमरे से छत तक जाते दिखे रसिक दुलारी शरण, पोस्टमार्टम में सात चोटों का खुलासा; अत्यधिक रक्तस्राव को बताया गया मौत का कारण, नशे और CCTV से छेड़छाड़ की भी जांच

मथुरा। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जबलपुर के रहने वाले रसिक दुलारी शरण गुरु कृपा कुंज भवन में कमरा नंबर 21 में रहते थे। बताया जा रहा है कि मौत से पहले उन्होंने इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से अपने शरीर के बेहद संवेदनशील हिस्से को गंभीर रूप से घायल किया और इसके बाद चौथी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताई गई है।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आश्रम और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। उनके शरीर पर खून से सनी धोती थी, जबकि दूसरी धोती से उन्होंने शरीर का अगला हिस्सा ढका हुआ था। इसके बाद वह सीढ़ियों की तरफ बढ़ते हैं और छत पर पहुंच जाते हैं।

छत पर लगे CCTV में वह कुछ समय के लिए बाउंड्री के पास बैठते और फिर लेटते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह अचानक उठते हैं, बाउंड्री पर चढ़ते हैं और नीचे छलांग लगा देते हैं। पुलिस के मुताबिक जिस समय वह नीचे गिरे, उस दौरान वहां से एक साइकिल सवार भी गुजर रहा था, जो बाल-बाल बच गया।

सबसे बड़ा सवाल, इतनी गंभीर चोट के बाद भी क्यों नहीं सुनी गई चीख?

इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि इतनी गंभीर चोट के बावजूद रसिक दुलारी शरण के चीखने या जोर-जोर से रोने की आवाज आसपास के लोगों ने नहीं सुनी। CCTV फुटेज में भी उनके चेहरे पर स्पष्ट रूप से दर्द या छटपटाहट दिखाई नहीं देती। इसी वजह से पुलिस जांच में यह सवाल अहम हो गया है कि घटना के समय उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति क्या थी।

मथुरा के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूदेव ने भी इस घटनाक्रम को असामान्य बताया है। उनके मुताबिक ऐसी गंभीर चोट के बाद व्यक्ति की प्रतिक्रिया सामान्य परिस्थितियों में काफी तीव्र हो सकती है। इसी वजह से पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं घटना के समय रसिक किसी नशीले पदार्थ या अन्य किसी प्रभाव में तो नहीं थे।

इसकी पुष्टि के लिए उनके ब्लड सैंपल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। इसके साथ ही पुलिस CCTV फुटेज की भी फोरेंसिक जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

पोस्टमार्टम में सामने आईं सात चोटें

रसिक दुलारी शरण के पोस्टमार्टम में शरीर पर कुल सात चोटों का उल्लेख किया गया है। चौथी मंजिल से गिरने के कारण सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। इसके अलावा हाथ, पैर और एड़ी पर भी चोटें पाई गईं। शरीर के संवेदनशील हिस्से में ग्राइंडर से लगी गंभीर चोट के कारण काफी मात्रा में रक्तस्राव हुआ था।

डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक रक्तस्राव यानी Excessive Blood Loss को मौत का मुख्य कारण माना गया है। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है और पोस्टमार्टम के अलावा फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी।

कमरे में ग्राइंडर कैसे आया, रूममेट से भी पूछताछ

पुलिस की जांच अब इस बात पर भी केंद्रित है कि कमरा नंबर 21 में इलेक्ट्रिक ग्राइंडर कब और कैसे पहुंचा। घटना के समय रसिक दुलारी शरण के रूममेट जुगल शरण कहां थे, इसको लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच अधिकारी सीओ संदीप कुमार सिंह के अनुसार पुलिस को सर्वोदय अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि जबलपुर निवासी रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल से गिर गए थे। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।

मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट

सामने की इमारत में रहने वाले एक पड़ोसी के मुताबिक घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। आश्रम से जुड़े लोग घायल अवस्था में रसिक को अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रसिक दुलारी शरण ने यह कदम क्यों उठाया। क्या उन्होंने खुद ऐसा किया, घटना के पीछे कोई दूसरा व्यक्ति या परिस्थिति शामिल थी, या फिर उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर कोई अन्य वजह थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। ब्लड सैंपल की फोरेंसिक रिपोर्ट, CCTV की जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। रसिक दुलारी शरण की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी, यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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